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मुजफ्फरपुर में अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश

-मुजफ्फरपुर में अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश

-वैशाली का मनीष गिरफ्तार; पांच राज्यों से जुड़े मिले तार

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के सक्रिय सदस्य मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। साइबर थाने की पुलिस ने करजा थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर उसे दबोचा। गिरफ्तार आरोपित वैशाली जिले के भगवानपुर का रहने वाला है। पुलिस जांच में इस गिरोह के तार पांच राज्यों से जुड़े होने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खातों में दूसरे लोगों के मोबाइल नंबर लिंक कराकर एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन बैंक खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जाता था।
मामले का खुलासा करजा थाना क्षेत्र के रूपेश कुमार की शिकायत के बाद हुआ। पीड़ित ने साइबर थाने में आवेदन देकर बताया था कि आरोपितों ने प्रलोभन देकर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलवा दिया। इसके बाद बैंक से संबंधित दस्तावेज और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए।


मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण में साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मनीष कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर वैशाली जिले के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन गिरोह के अन्य सदस्य फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि रूपेश कुमार के नाम पर खोले गए बैंक खाते के संबंध में पांच अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की छह शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपित के पास से चार एक्टिव डेबिट कार्ड, तीन चेकबुक, दो बैंक पासबुक, एक एंड्रॉइड मोबाइल, दो वोटर कार्ड, पहचान पत्र और उद्यम पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।