-उत्तर बिहार के तीन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 30-31 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम
-मधुबनी, दरभंगा और सुपौल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट; तेज हवा, वज्रपात और जलजमाव का खतरा
पटना/मुजफ्फरपुर। चक्रवाती तूफान के अवशेष के प्रभाव से उत्तर बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका है। मौसम केंद्र पटना ने 30 और 31 अक्टूबर को मधुबनी, दरभंगा और सुपौल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन तीनों जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवा चलने की संभावना है।

मौसम केंद्र के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना अवदाब उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इसके कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव और बिहार में नमीयुक्त पूर्वी हवाओं के प्रवाह से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 29 और 30 अक्टूबर को कैमूर और रोहतास में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य-पश्चिम बिहार के कई जिलों में येलो अलर्ट है। इसके बाद 30 और 31 अक्टूबर को उत्तर बिहार के मधुबनी, दरभंगा और सुपौल में अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
भारी बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल गिरने के साथ पेड़ों के टूटने और कच्चे मकानों तथा टिन की छतों को क्षति पहुंच सकती है। निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात बाधित होने की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। कटी हुई धान की फसल और खुले में सुखाने के लिए रखे अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखने को कहा गया है। मौसम साफ होने तक आवश्यकता नहीं होने पर फसलों की कटाई स्थगित रखने तथा खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। सब्जियों में अनावश्यक सिंचाई से भी बचने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। वज्रपात की आशंका होने पर खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और अनावश्यक यात्रा से परहेज करने को कहा गया है। जलजमाव वाले रास्तों तथा निचले इलाकों से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।












