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स्पॉट: ठंड से ठिठुर रहा जनजीवन,कहीं हीटर तो कहीं स्वेटर..कहीं पेड़ों की पत्तों-टहनियों को जलाकर चल रहा जनजीवन

-ठंड से ठिठुर रहा जनजीवन,कहीं हीटर तो कहीं स्वेटर..कहीं पेड़ों की पत्तों-टहनियों को जलाकर चल रहा जनजीवन

दीपक कुमार तिवारी। मुुुजफ्फरपुर।

 

ठंड बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के गरीब असहाय परिवारों में जलावन और अलाव जलाने संकट बढ़ गया है। एक ओर जहां खाना बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे में जलावन की जरूरत बढ़ गई है, तो दूसरी और खुद को बचाने के लिए और ठंड से जुझने के लिए अलाव की भी जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में क्षेत्र के प्रमुख सड़कों के किनारे मनरेगा योजना से लगाई गई हरे पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है।जगह-जगह हरे पेड़ों से दिन की दुपहरी में आसपास की महिलाओं -बच्चियों को जलावन के लिए पेड़ की पत्तों को बुहारते(समेटते)टहनियों को तोड़ते या कई बार पेड़ों की कटाई भी देखा जा रहा है।प्रखंड मुख्यालय बन्दरा से केवट्सा आदि जाने के रास्ते में एवं आसपास के इलाकों में मनरेगा योजना से कराई गई बागवानी के पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के किनारे लगाई गई पेड़ों की कटाई भी की जा रही है। इसी तरीके से बूढ़ी गंडक नदी के बांध रोड,ढाब एवं इसके के आसपास के इलाकों में सरकारी पेड़ों की कटाई की जा रही है।बाबजूद मामलों की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को रहने के बाबजूद ऐसे लोगों को न हीं हिदायत दी जा रही है और ना ही ऐसे लोगों पर कोई कार्यवाही की जा रही है।लिहाजा एक तरफ मनरेगा योजना से वानिकी को बढ़ाया जा रहा है,विभिन्न मौकों पर पर्यावरण समृद्धि एवं संतुलन के लिए वृक्षारोपण रोपण कर जागरूकता के संदेश दिए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकारी पेड़ों की कटाई पर सम्बंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि दोनों मौन हैं।


अमीर हीटरों के सहारे तो गरीब अलाव और स्वेटरों के सहारे काट रहा ठंड:

जिला प्रशासन द्वारा भले हीं अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बन्दरा प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में कहीं भी सरकारी अलाव जलता नहीं दिख रहा है।लोग अपने स्तर से खेत- खलिहान से लकड़ी,जलावन या खरपतवार आदि इकट्ठा कर अलाव के रूप में जला रहे हैं। कई जगहों पर मवेशियों के गोबरों से बने चिपड़ी-गोइठा को भी अलाव के रूप में लोग अपने-अपने घरों में जला रहे हैं।सुबह-शाम कुहासों के कारणों से सड़कों पर लोग कम दिख रहे हैं। सक्षम परिवार के लोग अपने घरों में इलेक्ट्रिक अलाव जला रहे।इलेक्ट्रिक हीटरों से ठंड से भी सक्षम घराने के लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।वहीं गरीब तबका स्वेटरों एवं अलाव के सहारे ठंड से जूझ रहा है। मवेशियों को चट्टी बोरों आदि को ओढाकर बचाया जा रहा है। ठंड की वजह से क्षेत्र में सरकारी स्कूलों को तो बंद कर दिया गया है,लेकिन प्राइवेट स्कूल एवं कोचिंग संस्थान खुले हुए हैं। जहां सुबह से शाम तक बच्चे पढ़ते नजर आ रहे हैं। बन्दरा सीओ राजीव राजीव रंजन ने शुक्रवार को दावा किया कि जिला प्रशासन के निर्देश के आलोक में अंचल के सभी राजस्व कर्मचारियों को क्षेत्र के प्रमुख चौक चौराहों पर सरकारी अलाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जगहों पर सरकारी अलाव जलाने की व्यवस्था कराई गई है।