-सभ्यता शरीर है तो संस्कृति उसकी आत्मा
भागलपुर से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट।
गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल नरगाकोठी भागलपुर के सभागार में संस्कृति बोध परियोजना अभियान का उद्घाटन भागलपुर विभाग के प्रवासी कार्यकर्ता विनोद कुमार, प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ,संस्कृति बोध परियोजना के क्षेत्रीय सह संयोजक आकाश कुमार एवं भागलपुर विभाग टोली की सदस्या श्रीमती सरिता भानू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
विनोद कुमार ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति ही उसके विराट स्वरूप को प्रकट करती है। भारतीय संस्कृति का उदात्त दृष्टिकोण ही उसे विश्वगुरुता प्रदान करता है। अपनी भारतीय परंपरा आध्यात्मिक है और संस्कृति वैज्ञानिक है। अपने शाश्वत धर्म, संस्कृत, नीति एवं राष्ट्रीयता की शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था में प्रमुख स्थान देने की आवश्यकता है। संस्कृति व्यक्ति के मन और आत्मा की आवश्यकता को पूर्ण करती है। सभ्यता शरीर है तो संस्कृति उसकी आत्मा है।
आकाश कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति सबको पास लाने व जोड़ने का काम करती है। इसके अंतर्गत त्याग, संयम, सेवा, प्रेम, ज्ञान, विवेक आदि समाहित हैं। भारतीय संस्कृति से हमें शांति ,सौहार्द ,समन्वय तथा एकात्मता का संदेश प्राप्त होता है। आज उद्घाटन के पश्चात दिनांक 16 7.2024 से संस्कृत बोध परियोजना अभियान प्रारंभ कर 14 अगस्त 2024 तक पूर्ण कर लेना है जिसमें समाज से अभिभावक, बुद्धिजीवी, अन्य विद्यालय के भैया बहनों को भी इस अभियान में जोड़ना है इस वर्ष कक्षा तृतीय से भैया बहनों को इसमें जोड़ना है तभी हमारा समाज और देश भारतीय संस्कृति को जान सकेगा। हमें भारतीय संस्कृति को जानना चाहिए उसको अपने व्यवहार में उतरना चाहिए।

आज के कार्यक्रम में भागलपुर जिला के अंतर्गत चलने वाले सभी शिशु/ विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य ने भाग लिया ।अतिथि परिचय प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक द्वारा कराया गया।
इस अवसर पर प्रवासी कार्यकर्ता भागलपुर विभाग के विनोद कुमार, प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक, संस्कृत बोध परियोजना क्षेत्रीय सह संयोजक आकाश कुमार, अजीत कुमार, राजेश नंदन, अश्विनी कुमार ,जयपाल कुमार ,संतोष कुमार ,ब्रजेश त्रिवेदी, संतोष कुमार ,B.Ed कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य राजकुमार ठाकुर एवं शशि भूषण मिश्र उपस्थित थे।












