– राजा विराट गढ़ में नौ दिवसीय दिव्य रामकथा का आयोजन, हजारों श्रद्धालु ले रहे प्रवचन का लाभ
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल राजा विराट गढ़, राढ़ विराटपुर में वैष्णवी नवरात्रि दुर्गा पूजा के अवसर पर नौ दिवसीय दिव्य रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। बग्घी धाम के महंत एवं प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. सुखदेव दास महाराज श्रद्धालुओं को रामकथा का रसपान करा रहे हैं। घटस्थापना के दिन शुरू हुई रामकथा का समापन सोमवार, 19 अक्टूबर को होगा।
रामकथा सुनने के लिए राढ़, विराटपुर सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथावाचक डॉ. सुखदेव दास महाराज भगवान श्रीराम के अवतरण से लेकर उनके विवाह और राज्याभिषेक तक के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की प्रत्येक चौपाई मनुष्य को सदाचार, उत्तम चरित्र और सद्बुद्धि का संदेश देती है। परिवार में संस्कारों के विकास के लिए रामायण एक अनमोल धरोहर है।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और भावी पीढ़ी को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए रामायण, महाभारत और गीता सहित अन्य धर्मग्रंथों का अध्ययन आवश्यक है। प्रत्येक हिंदू परिवार में तुलसी का पौधा और रामायण होनी चाहिए। मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माता सीता के वनवास से जुड़े प्रसंग मिथिलावासियों के लिए पीड़ादायक हैं। भगवान श्रीराम के जीवन के इन प्रसंगों को मिथिला के लोग माता सीता के प्रति विशेष श्रद्धा और संवेदना के साथ देखते हैं।
नवरात्रि के अवसर पर कलश स्थापना के दिन पूर्व प्रमुख चंदन कुमार यादव के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ पवित्र नदी से जल भरकर राजा विराट गढ़ पहुंचाया। इसके बाद कलश को वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने के लिए चार दर्जन से अधिक स्वयंसेवक तैनात हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में जुटी हुई है। धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामकथा सुनने पहुंच रहे हैं।












