-रामगढ़वा थाना भवन का नाम नक्सल थाना करने से लोगों का विरोध शुरू
-एसपी ने नक्सल शब्द हटाने का दिया आश्वासन
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
जिला स्थित रामगढ़वा थाने के नए भवन पर नक्सल थाना लिखे जाने से विवाद खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि इस थाना क्षेत्र में कभी नक्सली गतिविधियां नहीं रही। वैसे में थाने का नक्सल नाम देना इस क्षेत्र की छवि खराब करने की साजिश है। इधर एसपी स्वर्ण प्रभात ने लोगों की भावना को समझते हुए थाना भवन के नाम परिवर्तन के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। वहीं लोगों को आश्वस्त किया है कि थाने का नाम बदल दिए जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।

बता दें कि रामगढ़वा थाना 1972 में आदापुर थाने से अलग होकर अस्तित्व में आया था। अब तक यह थाना एनएच-28ए के पास दो कमरे के जर्जर भवन में चल रहा था। लंबे प्रयासों के बाद पुराने अंचल कार्यालय के पास नए भवन का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस भवन का शिलान्यास किया था। बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम पांच तरह के थाना भवन बनाता है आदर्श थाना, नक्सल थाना, जेड-3, एससी-एसटी और महिला थाना। स्थानीय लोगों की मांग है कि रामगढ़वा को आदर्श थाना घोषित किया जाए। लोजपा (आर) के महासचिव लोहा पांडेय ने इस मुद्दे पर विभाग से सवाल किया है। उन्होंने सरकार से नक्सल शब्द हटाकर इसे आदर्श थाना घोषित करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने थाने से नक्सल शब्द हटाने का आश्वासन दिया है।












