-मुशहरी में 20 भूमिहीन परिवारों को घर हटाने का नोटिस, खेत मजदूर किसान सभा ने जताया विरोध
-11 अक्टूबर को डीएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल, मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
मुशहरी/मुजफ्फरपुर। प्रखंड के दिघरा रामपुर साह गांव में बिहार सरकार की जमीन पर बसे 20 भूमिहीन परिवारों को घर हटाने का नोटिस दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा ने इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए जिला प्रशासन से सभी प्रभावित परिवारों को पहले जमीन उपलब्ध कराने या जिस जमीन पर वे वर्षों से बसे हैं, उसका वासगीत पर्चा देने की मांग की है।
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को प्रहलादपुर स्थित अंबेडकर भवन में अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा की बैठक प्रखंड अध्यक्ष परमानंद पाठक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन देने या बसे हुए स्थान का वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ घर हटाने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि नोटिस में घर नहीं हटाने पर बुलडोजर से तोड़ने की चेतावनी दी गई है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 11 अक्टूबर को संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी से मिलकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेगा। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर मुशहरी अंचलाधिकारी के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई। संगठन ने मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने के बाद ही उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए अथवा संबंधित जमीन का वासगीत पर्चा दिया जाए।
बैठक में भाकपा माले के जिला सचिव एवं मुखिया उदय चौधरी सहित नोटिस प्राप्त करने वाले हरि पासवान, सुलिंदर पासवान, गंगा पंडित, अशोक पंडित, उमेश पंडित, पप्पू महतो, धर्मेंद्र पंडित, सुरेश ठाकुर, सुनील ठाकुर समेत अन्य लोग शामिल हुए।












