-मुजफ्फरपुर में महिला मैनेजर की संदिग्ध मौत में नया मोड़, कॉल रिकॉर्डिंग से ब्लैकमेलिंग के आरोपों का खुलासा
मुजफ्फरपुर। गोबरसही चौक स्थित एक होटल में अहमदाबाद में कार्यरत रियल एस्टेट कंपनी की महिला मैनेजर निगम कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के पति मदन कुमार ने मामले के अनुसंधानकर्ता दरोगा राजीव कुमार को एक कॉल रिकॉर्डिंग भेजी है। बताया जा रहा है कि यह रिकॉर्डिंग निगम की मौत से ठीक पहले अहमदाबाद में एक सहकर्मी के साथ हुई बातचीत की है। रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
इस मामले में बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र के अमजदपुर पिढ़ौली गांव के पूर्व मुखिया प्रभात कुमार की कथित संलिप्तता सामने आई है। वह घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कॉल रिकॉर्डिंग में निगम कुमारी ने कथित तौर पर अपनी बर्बादी के लिए पूर्व मुखिया प्रभात कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि पति से तलाक लेने की इच्छा का फायदा उठाकर प्रभात ने उसे अपने जाल में फंसाया।

निगम के विरोध के बावजूद तांत्रिक की मदद से नशीला पदार्थ पिलाकर उसे वश में करने और जबरन शादी करने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा, उस पर शारीरिक शोषण और गर्भवती होने के बाद जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए गए हैं।
रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर निगम ने बताया कि प्रभात कुमार पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से उसे ब्लैकमेल कर रहा था। आरोप है कि उसने कई ब्लैंक चेक और हस्ताक्षर किए हुए कागजात भी अपने पास रख लिए थे। विरोध करने या उसके चंगुल से निकलने की कोशिश करने पर निगम के बेटे की हत्या करने की धमकी दी जाती थी। बताया गया है कि इस परिस्थिति से निकलने के लिए वह अहमदाबाद में एक वकील की तलाश कर रही थी।
निगम कुमारी ने कथित बातचीत में अपने पति मदन कुमार पर भी मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। वह अपने बच्चों के साथ पति से कानूनी रूप से अलग होना चाहती थी। आरोप है कि पूर्व मुखिया उस पर तलाक नहीं लेने और पति के साथ रहने का दबाव बना रहा था।
घटना के बाद होटल पहुंचकर पूर्व मुखिया ने खुद को मृतका का भैसुर बताया था। होटल में निगम का शव फंदे से लटका मिला था। अब पुलिस पति की ओर से उपलब्ध कराई गई कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उसमें लगाए गए आरोपों और महिला की मौत के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जाएगी। फरार पूर्व मुखिया की गिरफ्तारी के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।












