-बिहार में संघर्ष की शुरुआत है, समापन नहीं:कन्हैया कुमार
पटना। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी यात्रा विद्यार्थियों और युवाओं की है, जो अब एक संघर्ष का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा, “इस यात्रा का कोई समापन नहीं है, बल्कि यह संघर्ष की शुरुआत है।”
कन्हैया ने स्थानीय मुद्दों की ओर इशारा करते हुए कहा कि बीपीएससी प्रतियोगियों और फुटकर दुकानदारों की समस्याएं गंभीर हैं। उन्होंने कहा, “हर जिले में अपनी-अपनी दिक्कतें हैं और लोकतंत्र हमें ये अधिकार देता है कि हम सत्य और अहिंसा के रास्ते अपनी मांगें रखें।”
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं का भविष्य अनिश्चितता से भरा है। “छात्र पढ़ रहे हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि भविष्य क्या होगा। सरकार के सुशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मंत्री और विधायकों के रिश्तेदारों की हत्याएं हो रही हैं। शराबबंदी के बावजूद सूखे नशे का चलन बढ़ रहा है।”

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जातीय सर्वेक्षण का हवाला दिया और कहा, “सर्वे में सामने आया कि 60% से अधिक लोग ग्रेजुएट नहीं हैं। ये आंकड़े राज्य की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई उजागर करते हैं।”
कन्हैया कुमार ने आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन की बात करते हुए कहा, “आज जहां AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बोलबाला है, वहीं हमें EI यानी इमोशनल इंटेलिजेंस की भी उतनी ही जरूरत है।”
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