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बिहार में गंडक का रौद्र रूप, छह जिलों में 2.03 लाख लोग प्रभावित

-बिहार में गंडक का रौद्र रूप, छह जिलों में 2.03 लाख लोग प्रभावित

-कई जगह टूटे तटबंध, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; सड़क संपर्क बाधित, राहत-बचाव अभियान तेज

पटना।बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंडक समेत कई नदियां उफान पर हैं। पश्चिम चंपारण के बाद सारण, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में भी बाढ़ का असर तेजी से बढ़ा है। कई स्थानों पर तटबंध और बांध क्षतिग्रस्त होने से तेज बहाव का पानी निचले इलाकों में फैल गया है। राज्य के छह जिलों में करीब 2.03 लाख लोगों के प्रभावित होने की सूचना है।

सारण में बुधवार को मकेर के हैजलपुर और बाघाकोल गांव के पास मुख्य तटबंध टूट गया। पुरुषोत्तम के समीप महेश छपरा में एनएच-722 के रिंग बांध में भी दरार के बाद टूटने की सूचना है। तटबंध टूटने के बाद तेज पानी की चपेट में आकर हजलपुर गांव का एक घर बह गया। मकेर की चार पंचायतों के 20 से अधिक गांवों में पानी फैलने से अफरातफरी की स्थिति है। कई परिवार बांध और घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

गोपालगंज के बैकुंठपुर में भी गंडक के दबाव से शीतलपुर गांव के पास जमींदारी बांध टूट गया। सुबह करीब 10 फीट की चौड़ाई से शुरू हुआ कटाव शाम तक लगभग 150 मीटर तक फैल गया। इसके चलते आसपास के करीब 20 गांव पानी से घिर गए। बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर जमींदारी बांध के भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।

मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जयमल डुमरी में मुख्य तटबंध टूटने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कामेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर भी पानी में डूब गया है। वहीं पश्चिम चंपारण के बगहा-1, बैरिया और योगापट्टी के कई इलाकों में तटबंध टूटने के बाद लोग सड़क, बांध और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।

बाढ़ के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। छपरा-सत्तरघाट स्टेट हाईवे पर आवागमन बाधित है, जबकि अरेराज-हाजीपुर मुख्य पथ (एसएच-74) पर चार से पांच फीट पानी बह रहा है। प्रशासन ने इस मार्ग पर यातायात रोक दिया है। पश्चिम चंपारण में मच्छरगांवा हाईवे तक पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

इसी बीच सारण में गंडक के तेज बहाव के बीच दो तेंदुए बहते दिखाई दिए। बताया गया कि एक तेंदुआ तैरकर किनारे पहुंचा और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा तेज धारा में आगे बह गया।

उधर, पटना से बेगूसराय और खगड़िया तक गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। पटना के कई घाट फिर जलमग्न हो गए हैं, जबकि बेगूसराय में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गंडक के लगातार बढ़ते जलस्तर और कई स्थानों पर तटबंधों के टूटने से उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ गई है।