-प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लिया स्वतः संज्ञान, पीड़ितों को मुफ्त विधिक सहायता का आश्वासन
मुजफ्फरपुर। ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने स्वतः संज्ञान लिया है। घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों एवं प्रभावित मरीजों को न्याय और सहायता दिलाने के लिए प्राधिकार ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मुजफ्फरपुर, सुश्री श्वेता कुमारी सिंह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकार के सचिव श्री तेज कुमार प्रसाद को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार को सचिव श्री तेज कुमार प्रसाद अपनी टीम के साथ प्रसाद हॉस्पिटल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधक मो. आशिफ तथा अन्य कर्मियों से घटना के कारणों एवं अस्पताल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिससे आईसीयू कक्ष में धुआं भर गया और दम घुटने से पांच मरीजों की मौत हो गई।
डीएलएसए की टीम ने अस्पताल प्रबंधन से प्रभावित मरीजों और मृतकों के परिजनों से संबंधित विस्तृत जानकारी भी ली। सचिव श्री तेज कुमार प्रसाद ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सरकारी प्रावधानों के तहत उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार सभी प्रभावित परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराएगा और मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी सहयोग करेगा। इसके साथ ही उपस्थित पारा लीगल वॉलंटियर्स को निर्देश दिया गया कि वे पीड़ित परिवारों की पहचान कर उनसे संपर्क स्थापित करें और आवश्यकता अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।
प्राधिकार की इस पहल से हादसे से प्रभावित परिवारों को कानूनी सहायता और सरकारी राहत योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।











