-दिवाली पर मुफ्त गिफ्ट का लालच देकर साइबर ठगी की तैयारी,व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक
मुजफ्फरपुर। रोशनी के महापर्व दिवाली पर खुशियां बांटने और खरीदारी की तैयारियों के बीच साइबर अपराधियों ने लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए नया जाल बिछाना शुरू कर दिया है। त्योहार के मौसम में आकर्षक उपहार और मुफ्त ऑफर का लालच देकर लोगों के मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में फ्रिज, स्मार्ट टीवी, एसी, स्मार्टफोन और सालभर के मुफ्त मोबाइल रिचार्ज जैसे उपहार देने का दावा किया जा रहा है। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे संदेश तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।
साइबर अपराधी नामचीन ई-कॉमर्स कंपनियों और ब्रांड्स के नाम से मिलते-जुलते फर्जी लिंक तैयार कर लोगों को लकी ड्रॉ और मुफ्त उपहार का झांसा दे रहे हैं। उपहार पाने के लालच में जैसे ही कोई व्यक्ति संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

कई मामलों में फर्जी फॉर्म के जरिए लोगों का नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारियां जुटाई जाती हैं। वहीं, कुछ संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल में मैलवेयर पहुंचाकर बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां चुराने की कोशिश की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों के दौरान लोग ऑनलाइन खरीदारी और आकर्षक छूट की तलाश में रहते हैं। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
इस संबंध में साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुफ्त उपहार या आकर्षक ऑफर के लालच में नहीं आएं, क्योंकि मुफ्त में कुछ मिलने के दावे के पीछे ठगी की साजिश हो सकती है। किसी भी ऑफर की सत्यता संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही जांचें। अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किए किसी भी संदिग्ध संदेश या लिंक को दोस्तों और परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में फॉरवर्ड न करें। दिवाली की खुशियों के बीच थोड़ी सी सतर्कता साइबर ठगी से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।












