-डिजिटल साक्षरता से ही रुकेगा ऑनलाइन आर्थिक अपराध, बीएमडी कॉलेज में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। ब्रज मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर में प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित की अध्यक्षता में आईएसआरसी एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटल लिटरेसी विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मंच संचालन डॉ. सौरव कुमार ने किया, जबकि प्रो. सुशील कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। प्राचार्य एवं शिक्षकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया।
मुख्य वक्ता डॉ. श्याम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि आज का दौर डिजिटल युग का है। लगभग हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल है और इंटरनेट के माध्यम से सूचनाओं तक पहुंच आसान हो गई है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ सतर्कता भी बेहद जरूरी है। इंटरनेट या विभिन्न ऐप से प्राप्त किसी भी सूचना को दूसरे व्यक्ति तक भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। बिना सत्यापन के गलत सूचनाओं को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल लिटरेसी तभी सार्थक होगी, जब इसके माध्यम से बढ़ते ऑनलाइन आर्थिक अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने में सफलता मिलेगी। छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने कहा कि आज भी बड़ी आबादी के पास स्मार्टफोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनने के साथ समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। डिजिटल दुनिया के साथ सामंजस्य स्थापित कर स्वयं को पूरी तरह डिजिटल शिक्षित बनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने डिजिटल साक्षरता से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे, जिनका जवाब बीसीए शिक्षक राकेश कुमार ने दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान भी किया। अंत में प्रो. सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।












