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त्योहारी सीजन में साइबर ठगों का नया जाल, 80 से 90 फीसदी छूट के नाम पर हो रही ठगी

-त्योहारी सीजन में साइबर ठगों का नया जाल, 80 से 90 फीसदी छूट के नाम पर हो रही ठगी

मुजफ्फरपुर। त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजारों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी खरीदारी की रफ्तार तेज हो गई है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर्व को लेकर लोग नए कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और उपहार खरीद रहे हैं। इसी बीच साइबर अपराधियों ने भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। व्हाट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया के जरिए 80 से 90 फीसदी तक छूट और बंपर लकी ड्रॉ का लालच देकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों की मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

साइबर अपराधी नामी ई-कॉमर्स कंपनियों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। इन वेबसाइटों का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाता है कि पहली नजर में असली और नकली वेबसाइट के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। सोशल मीडिया पर फेस्टिव ऑफर के नाम से विज्ञापन प्रसारित कर ब्रांडेड सामान बेहद कम कीमत पर देने का झांसा दिया जाता है। आकर्षक ऑफर देखकर लोग जल्दबाजी में इन लिंक पर क्लिक कर देते हैं और अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा कर बैठते हैं। इसके बाद ठग बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

साइबर ठगी के लिए अपराधी संदिग्ध एपीके फाइलों का भी इस्तेमाल करते हैं। कई बार सीमित समय में ऑफर खत्म होने का दबाव बनाकर लोगों को ऐसी फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है। अनजान स्रोत से डाउनलोड की गई दुर्भावनापूर्ण फाइल मोबाइल की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है और निजी जानकारी चोरी होने का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।

ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सुरक्षित रहने के लिए लोगों को केवल अधिकृत ऐप और कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी आकर्षक ऑफर की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करनी चाहिए। बैंक खाते की जानकारी, कार्ड डिटेल, पासवर्ड, यूपीआई पिन और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने या मोबाइल में संदिग्ध फाइल इंस्टॉल करने से भी बचना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। ठगी की सूचना जल्द देने से संबंधित बैंक और एजेंसियों को लेनदेन रोकने या राशि वापस दिलाने की कार्रवाई करने का बेहतर मौका मिल सकता है। त्योहारी खरीदारी के दौरान सतर्कता बरतकर ही लोग अपनी मेहनत की कमाई को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रख सकते हैं।