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गोबरसही गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में एसआईटी गठित

-गोबरसही गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में एसआईटी गठित

-एक की मौत और 12 घायल होने की घटना की होगी जांच
-नगर-02 एसडीपीओ करेंगे जांच टीम का नेतृत्व
-सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज
-जेसीबी से नाला निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी गैस पाइपलाइन -एफएसएल ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

मुजफ्फरपुर। शहर के गोबरसही में गैस पाइपलाइन फटने और भीषण विस्फोट की घटना के बाद अब हादसे की वजह और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम यह पता लगाएगी कि नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त हुई और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हुए थे।
एसएसपी के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित एसआईटी की कमान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-02 को सौंपी गई है। टीम में इंस्पेक्टर अंजनी कुमार सिंह, इंस्पेक्टर मनोज कुमार, सदर थानाध्यक्ष नवलेश आजाद और दारोगा संजय कुमार को शामिल किया गया है। जांच दल को घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल करने, संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है।


गौरतलब है कि सोमवार को करीब 12:20 बजे सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही स्थित डुमरी मार्ग पर नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन के नीचे बिछी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन से गैस का रिसाव होने के बाद अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। धमाके से आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। वहीं, एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और उन्हें जांच के लिए भेजा है।
इस मामले में मुशहरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी के आवेदन पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल की परिस्थितियों और निर्माण कार्य से जुड़े संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है। एसआईटी के गठन के बाद अब पूरे मामले की जांच में तेजी आने और हादसे के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।