-PNG गैस विस्फोट मामले में CJM कोर्ट में परिवाद दायर
-IOCL के एमडी समेत कई अधिकारी नामजद
मुजफ्फरपुर। सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड में दो नवंबर को हुए PNG गैस रिसाव और विस्फोट मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। घटना को लेकर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में परिवाद दायर किया गया है। जनहित मंच के सचिव सह अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने परिवाद दाखिल कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
परिवाद में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के प्रबंध निदेशक, PNG के कंट्री हेड, निर्माण एजेंसी नरसिंह सिंह कंस्ट्रक्शन सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अभियुक्त बनाया गया है। परिवादी ने आरोप लगाया है कि नाला निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए जेसीबी से खुदाई कराई गई, जिससे भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।

परिवाद के अनुसार, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद करीब 45 मिनट तक गैस का रिसाव होता रहा। आरोप है कि समय रहते गैस आपूर्ति बंद करने और सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। इसके बाद हुए विस्फोट में करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
इस हादसे में स्थानीय निवासी श्रीनिवास की मौत हो गई थी, जबकि करीब 16 लोग घायल हुए थे। अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने न्यायालय से मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।











