-IMA की आपात बैठक में प्रसाद हॉस्पिटल मामले पर रोष, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरपुर। प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड और उसके बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मुजफ्फरपुर की एक आपातकालीन सामान्य सभा (General Body Meeting) का आयोजन IMA हॉल, मुजफ्फरपुर में किया गया। बैठक में 150 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया और कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक की शुरुआत प्रसाद हॉस्पिटल हादसे में जान गंवाने वाले तथा घायल हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए की गई। उपस्थित चिकित्सकों ने पीड़ित परिवारों के प्रति शोक प्रकट किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सभा में डॉ. पंकज की गिरफ्तारी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। चिकित्सकों ने इस कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे अनुचित बताया तथा घटना के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही डॉ. पंकज के विरुद्ध चल रही दंडात्मक कार्रवाई को तत्काल बंद करने की मांग भी की गई।

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत सिविल सर्जन द्वारा बिना स्पष्टीकरण मांगे प्रसाद हॉस्पिटल का निबंधन (रजिस्ट्रेशन) रद्द किए जाने को असंवैधानिक बताया गया। IMA ने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
चिकित्सकों ने यह भी कहा कि अस्पताल के आईसीयू को छोड़कर अन्य विभागों में चिकित्सा सेवाएं शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि आम जनता को इलाज के लिए हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।
सभा में पारित प्रस्तावों के अनुसार यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो IMA मुजफ्फरपुर अपनी राज्य इकाई के साथ मिलकर संघर्ष और आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
बैठक के अंत में चिकित्सकों ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए तथा न्यायसंगत और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मामले का समाधान निकाला जाना चाहिए।













