-लंबित कांडों व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले चार थानाध्यक्ष का वेतन बंद
-कोर्ट के आदेश के बाद एसपी ने विभिन्न थानों की खंगाली कुंडली
-जिले भर में 434 थे लंबित मामले,बचे हैं 380,जल्द निष्पादन का दिया निर्देश
-लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त,ईमानदारीपूर्वक करें कार्य
-2014 में एफआईआर दर्ज नहीं करने और कोर्ट से ही कापी मांगने पर कोर्ट ने दिया था कार्रवाई का निर्देश
रिपोर्ट: मो. अंजुम आलम, जमुई (बिहार)।

आठ साल के बाद भी जमुई एससी/एसटी थाना में एफआईआर दर्ज नहीं करने मामले में कोर्ट के आदेश के बाद एसपी डाक्टर शौर्य सुमन सख्त तेवर में दिखे। उन्होंने फौरन एससी/एसटी थानाध्यक्ष रंजन कुमार को सख्त हिदायत देते हुए एफआईआर की कापी खोने मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है और जल्द आवेदन ढूंढकर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट के आदेश और एसपी के निर्देश के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के विशेष न्यायाधीश एडीजे प्रथम अनंत सिंह ने 2014 में एफआईआर दर्ज नहीं करने मामले में एससी/एसटी थानाध्यक्ष रंजन कुमार पर कार्रवाई करने का आदेश एसपी को दिया था। साथ ही 10 दिनों के अंदर इसका रिपोर्ट कोर्ट को उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया गया था। एफआईआर दर्ज नहीं होने मामले में थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने 11 परिवाद पत्र के सभी आवेदन खो जाने और कोर्ट से एफआईआर की कापी देने की मांग की थी जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था।
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-चार थानाध्यक्ष का रुका वेतन
कोर्ट के आदेश के बाद अब एसपी डाक्टर शौर्य सुमन ने सभी थानों की कुंडली ही खंगाल डाली। इस दौरान कई मामले छन कर आए। लंबित मामले देख एसपी भी दंग रह गए और चकाई, चंद्रमंडीह, सोनो और गिद्धौर थानाध्यक्ष का तत्काल प्रभाव से वेतन बंद कर दिया गया और लंबित कांडों का जल्द से जल्द निपटारा करने का आदेश दिया गया है। एसपी डाक्टर सुमन ने कहा कि पूर्व से जिले भर के विभिन्न थानों में कुल 434 मामले लंबित थे, जिसमें फौरन मामले का निष्पादन कर दिया गया है। अब 380 लंबित मामले बचे हैं जिसे संबंधित थानाध्यक्षों को जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है। मामले के निपटारा में लापरवाही और कार्यो में शिथिलता को लेकर चार थानाध्यक्षों का वेतन बंद किया गया है। आगे भी ऐसे लापरवाह थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की जाएगी।
















