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राजापाकर में बारिश से धान की फसल को नुकसान, आलू और सरसों की बुवाई भी प्रभावित

-राजापाकर में बारिश से धान की फसल को नुकसान, आलू और सरसों की बुवाई भी प्रभावित

राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार की सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल के पानी में भींगने से बर्बाद होने की आशंका है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले धान के पौधे कई जगहों पर जमीन पर गिर गए हैं, जिससे फसल प्रभावित हो रही है।

बताया जाता है कि आंध्र प्रदेश की ओर से आए चक्रवाती तूफान अर्णव का असर मौसम पर पड़ा है। क्षेत्र में अभी अधिकांश किसानों ने धान की कटाई शुरू नहीं की है। कम अवधि में तैयार होने वाली धान की फसल की कटाई करीब 25 प्रतिशत किसानों ने ही की है, जबकि लगभग 75 प्रतिशत फसल अभी खेतों में लगी हुई है। किसानों को इसके पकने का इंतजार है। ऐसी फसलों की कटाई में अभी करीब एक महीने का समय लग सकता है।

बारिश से आलू की खेती करने वाले किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। चार दिन पहले आलू की बुवाई करने वाले किसानों को बीज सड़ने और फसल प्रभावित होने का डर सता रहा है। खेतों में अधिक नमी होने के कारण अब किसानों को आलू की बुवाई दोबारा शुरू करने से पहले करीब पांच दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। खेतों से अतिरिक्त नमी निकलने और मिट्टी के अनुकूल होने के बाद ही बुवाई का काम शुरू हो सकेगा।

इसके अलावा, क्षेत्र में तोड़ी और सरसों जैसी तिलहन फसलों की बुवाई भी चल रही है। बारिश के कारण खेतों की मिट्टी अधिक गीली होने से बीजों के अंकुरण पर असर पड़ने की आशंका है। इससे पौधों की संख्या कम हो सकती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

किसान शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, सीताराम सिंह, सत्यनारायण सिंह, महेश प्रसाद सिंह, शिव कुमार यादव और पंकज कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि अचानक शुरू हुई बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि बारिश कितने दिनों तक जारी रहती है, इससे फसल को होने वाले नुकसान का आकलन किया जा सकेगा। लगातार बारिश होने पर खेतों में खड़ी और काटकर रखी गई धान की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका है।