-पर्यटन स्थलों पर बनेंगे अत्याधुनिक हाट-बाजार, जीविका उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार
पटना, 03 जुलाई।दीपक कुमार तिवारी।
बिहार के ग्रामीण विकास विभाग ने गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जीविका दीदियों एवं किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को नाबार्ड और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं में गरीबों के जीविकोपार्जन, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर हाट बनने से जीविका दीदियों और किसानों द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका दीदियों और जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए रोजगारपरक योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु विशेषज्ञ एजेंसियों का सहयोग लेने को कहा गया। साथ ही गांवों में खाली पड़े सरकारी भवनों को चिन्हित कर उन्हें आधुनिक हाट-बाजार के रूप में विकसित करने, खेल मैदानों का व्यवस्थित निर्माण कराने और प्लंबर जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जीविका दीदियों के कौशल विकास पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 10 महिलाओं एवं युवतियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित महिलाएं न केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करेंगी, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने नाबार्ड से ग्रामीण विकास योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने लक्ष्य रखा कि आगामी पांच वर्षों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक आधुनिक हाट-बाजार विकसित किया जाए और सभी हाटों को डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी संभव हो सके।
बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, आयुक्त अनन्या सिंह, नाबार्ड पटना के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा:
बैठक के दौरान मंत्री श्रवण कुमार ने पश्चिम चंपारण, मुंगेर, नवादा सहित पहाड़ी क्षेत्रों में बकरी पालन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पशुपालन रोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है, जिससे गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं और आदिवासी समुदायों को स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा। अधिकारियों को इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।












