-प्रसाद अस्पताल अग्निकांड: क्षमता से अधिक बेड लगाने की बात आई सामने, जांच में जुटा प्रशासन
मुजफ्फरपुर। ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर होने लगी है। जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अस्पताल के आईसीयू की क्षमता 13 मरीजों के इलाज की थी, लेकिन वहां 15 बेड लगाए गए थे। हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आईसीयू में 13 मरीजों के भर्ती होने का रिकॉर्ड मिला है। हालांकि आग की घटना में अस्पताल का कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह जल गया, जिससे मरीजों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रभावित हुई हैं।
डीएम ने बताया कि आईसीयू प्रभारी भी इस हादसे में घायल हुए हैं और उनका इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है। इसके कारण कई आवश्यक सूचनाएं तत्काल उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। प्रशासन अब अस्पताल के उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य स्रोतों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रहा है।

अस्पताल के रिकॉर्ड प्रभावित होने के कारण प्रशासन की टीम मरीजों और उनके परिजनों से जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की पहचान, भर्ती की स्थिति और अन्य तथ्यों का सत्यापन परिजनों के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रसाद अस्पताल में हुए इस अग्निकांड ने निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और क्षमता से अधिक मरीजों को भर्ती किए जाने के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हादसे के कारणों और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच जारी है। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और पीड़ित मरीजों व उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।











