-मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण अग्निकांड, ICU में लगी आग से 5 मरीजों की मौत, 30 से अधिक घायल
मुजफ्फरपुर। शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद अस्पताल में गुरुवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं फैल गया, जिससे अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। हादसे में अब तक पांच मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 30 से अधिक मरीजों के घायल होने की सूचना है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आईसीयू में आग लगते ही कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार पूरे अस्पताल में फैल गया। आग और धुएं की वजह से गंभीर मरीजों को बाहर निकालने में भारी कठिनाई हुई। अस्पताल परिसर में एंबुलेंस के सायरन, परिजनों की चीख-पुकार और बचाव कार्य में जुटे लोगों की भागदौड़ से हालात बेहद भयावह हो गए।
हादसे में जिन मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, उनमें शशांक कुमार (औराई, मुजफ्फरपुर), गीता देवी (मोतीपुर, मुजफ्फरपुर), उदय कुमार (तरियानी, शिवहर), कृष्ण नंदन तथा चंचला कुमारी शामिल हैं।

घटना के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उनका आरोप है कि आग लगने के बाद समय पर बचाव कार्य नहीं होने के कारण कई मरीजों की जान चली गई।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को सुरक्षित स्थानों और दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिन संस्थानों में लोगों को जीवन बचाने की उम्मीद होती है, वहां ऐसी घटनाएं व्यवस्था की बड़ी विफलता को उजागर करती हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।











