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मुजफ्फरपुर में सरकारी सेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण 22 मई को, अनुशासनिक कार्रवाई प्रक्रिया पर होगा मंथन

-मुजफ्फरपुर में सरकारी सेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण 22 मई को, अनुशासनिक कार्रवाई प्रक्रिया पर होगा मंथन

मुजफ्फरपुर, 21 मई 2026। सरकारी सेवकों और अधिकारियों के विरुद्ध मिलने वाली शिकायतों, आरोपों तथा अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विधिसम्मत बनाने के उद्देश्य से 22 मई 2026 को मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन तिरहुत प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह समेत अन्य वरीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करना है, ताकि सरकारी सेवाओं में अनुशासन बना रहे और आम जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।

प्रशिक्षण के दौरान सरकारी सेवकों के विरुद्ध आरोप पत्र गठन से लेकर अंतिम आदेश पारित किए जाने तक की पूरी विभागीय एवं अनुशासनिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, विभागीय जांच प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, आरोप पत्र निर्माण, जवाब प्राप्ति, जांच प्रतिवेदन, दंड निर्धारण और अंतिम आदेश जारी करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहेंगे।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कार्यक्रम स्थल पर विधि-व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधा, एंबुलेंस और अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधिकारियों को प्रशिक्षण के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि विभागीय कार्रवाई के दौरान कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किस प्रकार किया जाए, ताकि कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत बनी रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में नैतिकता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ावा देना भी है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय प्रक्रियाओं में होने वाली त्रुटियों को कम करने, कानूनी विवादों से बचने और सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह पहल सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।