-मुजफ्फरपुर में 20 लाख कैश जब्त, जांच के बाद सरकारी खजाने में जमा
मुजफ्फरपुर। जिले में वाहन जांच के दौरान बरामद हुए 20 लाख रुपये नकद को लंबी जांच प्रक्रिया के बाद आखिरकार सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है। यह मामला अहियापुर थाना क्षेत्र का है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में इतनी बड़ी नकदी मिलने से हड़कंप मच गया था।
जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान अहियापुर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति सागर कुमार को रोका। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के सांगोला का निवासी बताया गया है और फिलहाल मुजफ्फरपुर के गरीबस्थान इलाके में रह रहा था।
तलाशी के दौरान उसके पास से 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जब पुलिस ने रकम के स्रोत और संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और न ही कोई वैध कागजात प्रस्तुत कर पाया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी राशि जब्त कर ली और मामले की सूचना आयकर विभाग को दी।

सूचना मिलते ही आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विस्तृत जांच शुरू की। कई दिनों तक चली जांच में भी संबंधित व्यक्ति द्वारा नकदी के स्रोत को लेकर कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया।
जांच पूरी होने के बाद प्रशासन ने नियमों के तहत जब्त 20 लाख रुपये को सरकारी खजाने में जमा करा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध नकदी और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों पर सख्ती का स्पष्ट संदेश है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं, पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई को लोग अवैध धन के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देख रहे हैं।











