-इंडिया स्किल 2025–26 रीजनल प्रतियोगिता में बिहार का जलवा, 28 पदकों की ऐतिहासिक जीत
भुवनेश्वर/पटना।
भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित इंडिया स्किल 2025–26 की रीजनल प्रतियोगिता (ईस्ट) में टीम बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 28 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। बिहार के प्रतिभागियों ने 5 गोल्ड, 5 सिल्वर, 12 ब्रॉन्ज और 6 मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस पुरस्कार हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि के साथ सभी विजेता अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और कार पेंटिंग ट्रेड में आशीष राजवंश और मो. हुसैन को वॉकओवर के जरिए सीधे नेशनल लेवल के लिए चयनित किया गया, जो राज्य के लिए अतिरिक्त उपलब्धि मानी जा रही है।
समापन समारोह में बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हेमंत कुमार सिंह, एमडी मनीष शंकर और ईवाई के अमित कुमार मौजूद रहे। हेमंत कुमार सिंह ने कहा कि यह जीत केवल पदकों की संख्या नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और कौशल विकास की मजबूत व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य के युवा राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बिहार का नाम रोशन करेंगे और शंघाई जैसे वैश्विक मंचों तक पहुंचेंगे।

गोल्ड मेडल विजेता:
आईटी नेटवर्क सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन में मोहम्मद अली, लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग में प्रिंस, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट में हरिओम हर्ष, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग में एमडी दिलखुश तथा सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन डेवलपमेंट में अभिनव कुमार ने स्वर्ण पदक जीते।
सिल्वर मेडल विजेता:
कुकिंग में सक़लैन खान, साइबर सिक्योरिटी में शाश्वत कुमार सिंह व सुमन कुमार, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट में ऋतू राज और पेंटिंग एंड डेकोरेशन में यश राज ने रजत पदक हासिल किए।
ब्रॉन्ज व मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस:
बेकरी, ब्यूटी थेरेपी, क्लाउड कम्प्यूटिंग, डिजिटल कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, फ्लोरिस्ट्री, आईसीटी नेटवर्क, मेक्ट्रोनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वाटर टेक्नोलॉजी समेत कई ट्रेड्स में प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक और मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस जीते।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मिशन द्वारा जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर चयन के बाद प्रतिभागियों को छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में 3216 घंटे का गहन प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली इस तैयारी का ही परिणाम है कि बिहार ने पूर्वी क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
अब राज्य की निगाहें राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां बिहार के युवा एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने को तैयार हैं।












