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मुज़फ्फरपुर: भीड़ तंत्र का शिकार हुआ निर्दोष युवक

-मुज़फ्फरपुर: भीड़ तंत्र का शिकार हुआ निर्दोष युवक

-भाकपा-माले की जांच टीम पहुंची पीड़ित परिवार से मिलने

मुज़फ्फरपुर | बिहार में भीड़ तंत्र का खौफनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। मुज़फ्फरपुर जिले के बेनीबाद थाना क्षेत्र के रमौली गांव में 17 मार्च की रात भीड़ ने भैंस चोरी के शक में निर्दोष युवक कमलेश साहनी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। कमलेश, कटरा थाना क्षेत्र के धनौर गांव के निवासी थे और अपनी बहन के बुलावे पर समस्तीपुर जा रहे थे, तभी ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर उनकी जान ले ली।

मृतक के घर पहुंची भाकपा-माले की जांच टीम:

आज 22 मार्च 2025 को भाकपा-माले के पूर्व प्रत्याशी एवं आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम के नेतृत्व में एक जांच टीम धनौर गाँव पहुँची। टीम ने मृतक की माँ परमिला देवी और 10 वर्षीय पुत्र रितेश कुमार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। बताया जा रहा है कि कमलेश अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था।

“बिहार में महा जंगलराज, भीड़ तंत्र को सरकार का संरक्षण” – आफताब आलम

आफताब आलम ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा,
“बिहार में अब महा जंगलराज स्थापित हो चुका है। भीड़ तंत्र को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। यह एक बर्बर हत्या है, जिसकी उच्चस्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। भाकपा-माले सरकार से माँग करती है कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, मृतक के पुत्र की शिक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो।”

सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी भी पहुँचे पीड़ित परिवार से मिलने:

इस मामले में सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी ने भी गहरा शोक जताया। वे भोगेन्द्र सहनी, महावीर सहनी, रामपुजन सहनी के साथ धनौर गाँव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

बेनीबाद पुलिस ने सात लोगों को उठाया, लेकिन अधिकारिक बयान नहीं:

इस मामले में बेनीबाद पुलिस ने सात लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। परिजनों ने सरकार से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की माँग की है।

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