-रतवारा-ढोली घाट पर पुल निर्माण न होने से आक्रोश, वोट बहिष्कार की चेतावनी
बंदरा, मुजफ्फरपुर। रतवारा-ढोली घाट पुल निर्माण कार्य शुरू न होने और पिलखी पुल से तेपरी वाया सैदपुर सड़क चौड़ीकरण की उपेक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। तेपरी हनुमान मंदिर प्रांगण में जुटे लोगों ने बैनर लहराते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया और निराशा में आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार करने की घोषणा कर दी।
पुरानी मांग, अब तक नहीं मिला समाधान:
समाजसेवी श्याम किशोर, जो रतवारा-ढोली घाट पुल निर्माण जनआंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि आजादी के बाद से ही इस घाट पर पुल निर्माण की मांग उठती रही है। वर्ष 2019 में पुल निर्माण को लेकर आमरण अनशन भी किया गया था, जिसके बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि जल्द ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा में भी इस पुल की घोषणा नहीं की गई और न ही अंतरजिला लाइफलाइन माने जाने वाली इस सड़क के चौड़ीकरण पर कोई ठोस पहल हुई। इससे बंदरा प्रखंड के लोगों में निराशा और गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

आमरण अनशन की चेतावनी:
21 मार्च से पुल निर्माण और सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी लिखित सूचना मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
ग्राम स्तर पर अभियान और वोट बहिष्कार की घोषणा:
आज इसी मुद्दे को लेकर प्रखंड के हर नागरिक को एकजुट करने के लिए वार्ता कार्यक्रम की शुरुआत तेपरी पंचायत से की गई। मौके पर तेपरी पंचायत के पूर्व सरपंच विश्वनाथ राम, विश्वनाथ विशु, विजय कुमार, अजय कुमार सहित दर्जनों लोगों ने आगामी विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार की घोषणा की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार जल्द पुल निर्माण और सड़क चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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