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तत्क्षण प्राथमिक उपचार से हर्ट एटैक रोगी का जान बचाया जा सकता है : डा.एके सिंहा

-तत्क्षण प्राथमिक उपचार से हर्ट एटैक रोगी का जान बचाया जा सकता है -डा.ए.के.सिंहा

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर ।

अचानक किसी व्यक्ति को हर्ट एटैक हो जाए तो तत्क्षण प्राथमिक उपचार से रोगी की जान बचाया जा सकता है। उपयुक्त बातें शनिवार को मारबाड़ी सेवा समिति के सभागार में नेपाल केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन धनुषा तथा जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित हार्ट एटैक हो जाने पर रोगी को कैसे जान बचाया जा सकता है।जय प्रभा मेदांता मेडिसिटी अस्पताल के डायरेक्टर क्लीनिकल कार्डियोलॉजी डॉ.अजय कुमार सिन्हा ने कहीं। उन्होंने कहा कि हार्ट एटैक रोगी को तुरंत सीधा लिटाकर दो हाथों अंगुलियों हथेली में मिलाने के बाद छाती के मध्य में एक मिनट में 80से 120वार दीवाने से उसके बाद रोगी के मुंह तथा नाक में दो बार सांस छोड़ने रहने की प्रक्रिया। दस मिनट तक करने से दस निष्प्राण हार्ट एटैक रोगी में तीन या चार रोगी को बचाया जा सकता है।इस क्रिया को C.P.R.(cardio pulmonary Renunciation) कहते हैं।
डॉ.अजय कुमार सिन्हा A.E.D.मशीन के बारे में कहा कि इससे निष्प्राण हार्ट एटैक रोगी दस में आठ को बचाया जा सकता है।


डॉ.अजय कुमार सिन्हा ने निष्प्राण हार्ट एटैक रोगी का सांस, तथा हृदय स्पंदन बंद हो जाता है। गले नीचे अंगुली से दवाने पर रोगी का स्पंदन का पता लगाया जा सकता है। डॉ.सिंहाने कहा कि हमें कम नमक, चीनी तथा तेल,घी का उपयोग करना चाहिए। तनाव से दूर रहना चाहिए। व्यायाम, साईकलिंग करना चाहिए।
प्रमोद कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में जय प्रभा मेदांता मेडिसिटी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ.रवि शंकर सिंह, डॉ.अभिषेश (कुमार इंचार्ज इमरजेंसी), सुशांत शेखर (सीनियर मैनेजर मार्केटिंग), पूर्व मेयर बजरंग साह, जनकपुरधाम उद्योग बाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।इस अवसर पर मेदांता मेडिसिटी अस्पताल की टीम ने लोगों को सीपीआर प्रयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया।