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राजापाकर CHC में जीवन रक्षक दवाएं जलाने का मामला गरमाया, जांच के लिए पहुंची उच्चस्तरीय टीम

-राजापाकर CHC में जीवन रक्षक दवाएं जलाने का मामला गरमाया, जांच के लिए पहुंची उच्चस्तरीय टीम

राजापाकर।संजय।

राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं को जलाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की गहन पड़ताल की।
डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश और ड्रग इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने करीब चार घंटे तक अस्पताल में जांच की। सबसे पहले अधिकारियों ने अस्पताल के पीछे उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां दवाओं को जलाया गया था। मौके पर दवाओं के जले हुए अवशेष और अधजली शीशियां बरामद हुईं। इसके बाद टीम ने स्टोर रूम पहुंचकर स्टॉक रजिस्टर से दवाओं का मिलान किया और संबंधित कर्मियों से कड़ी पूछताछ की।


जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिन दवाओं को जलाया गया, उनमें कई की एक्सपायरी तिथि जून और अगस्त 2026 तक थी। जलाई गई दवाओं में फोलिक एसिड सिरप, दर्द निवारक मरहम और सामान्य बीमारियों में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल थीं।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध रहने के बावजूद उन्हें बाहर से दवा खरीदने को मजबूर किया जाता है। आरोप है कि स्टॉक में गड़बड़ी छिपाने के लिए ही दवाओं को आग के हवाले किया गया।
जांच के बाद मीडिया से बातचीत में डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश ने कहा कि दवाओं को जलाने का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि स्थल निरीक्षण कर सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और स्टॉक की जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम में डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश, ड्रग इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, जिला स्टोर प्रभारी दीपक कुमार, जिला मूल्यांकन सहायक पदाधिकारी ऋतु राज और जिला योजना समन्वयक विकास कुमार शामिल रहे।