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34 दिव्यांगजनों को मिली बैट्री चालित ट्राईसाईकिल 

चंपारण की खबर::

 

-34 दिव्यांगजनों को मिली बैट्री चालित ट्राईसाईकिल

 

मोतिहारी/ राजन द्विवेदी।

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण  योजना अंतर्गत 34 दिव्यांगजनों को आज बैट्री से चलने वाली ट्राईसाईकिल हेलमेट के साथ दी गई। इन लाभुकों में विभिन्न प्रखंडों के लाभुक शामिल हुए। बता दें कि इस योजना अंतर्गत पूर्वी चम्पारण जिले को 2022- 23 में 353 बैट्री चालित ट्राईसाईकिल आवंटित करने का लक्ष्य प्राप्त था। जिसे जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति ने शत प्रतिशत स्वीकृति दी। साथ ही वर्ष 2023-24 में 151 बैट्री चालित ट्राइसाइकिल की स्वीकृति अभी तक दी जा चुकी है। अब तक जिले में 423 बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का वितरण किया जा चुका है। सभी ट्राई साइकिल का वितरण चरणबद्ध तरीके से जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के द्वारा किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज 34 बैट्री चालित ट्राइसाइकिल का वितरण बुनियाद केन्द्र सदर मोतिहारी से

सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा हरी झंडी दिखाकर  किया गया।

इस अवसर पर बुनियाद केन्द्र एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के सभी कर्मीगण मौजूद थे। सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारकर दिव्यांगजनों के राह को आसान किया जा रहा है।

सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत बैट्री चालित ट्राईसाईकिल उपलब्ध करायी जा रही है। बैट्री चालित ट्राईसाईकिल के प्राप्त हो जाने से दिव्यांगजनों को रोजगार में आसानी हो जाएगी तथा अपने कार्यस्थल पर आसानी से पहुंच सकेंगे।

इच्छुक दिव्यांगजन आनलाईन आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना का लाभ पात्रता पूर्ण करने वाले आवेदनो में पहले आओ, पहले पाओं के आधार पर दिया जा रहा है।

बताया कि आवेदन के लिए पात्रता https://online.bih.nic.in/SWF/SWFTC/Register.asp‌ लिंक पर आवेदक अपना आवेदन आनलाईन कर सकते है। यह योजना ऐसे छात्र- छात्रा या रोजगार कर रहे 18 वर्ष से अधिक उम्र के 60%से अधिक चलंत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए है जिनके आवासन से महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, रोजगार स्थल की दूरी 3 किमी या अधिक हो। इसके अतिरिक्त आय की सीमा चालू सत्र के लिए 2 लाख रूपये तक रखी गयी है। आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है तथा वर्तमान में भी बिहार में आवासित हो।