-211 डिग्री कॉलेजों में 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों का उन्मुखीकरण शुरू, बोले CM- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवाओं को मिलेगी नई दिशा
पटना, 13 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बापू सभागार में राज्य के नवसृजित 211 डिग्री महाविद्यालयों में नियुक्त 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने नवनियुक्त प्राध्यापकों को बधाई देते हुए बिहार की शिक्षा व्यवस्था और नई पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यापक शैक्षणिक विस्तार से बिहार के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी। शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसी महान शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया। अब आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के माध्यम से इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले दिनों में राज्य की शैक्षणिक संरचना का और व्यापक विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों से संवाद और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग होने पर ही उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित विश्व के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी। साथ ही दुनिया के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं अनुभव साझा करने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है।
कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भारत सरकार के अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. पीके वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी रास बिहारी सिंह सहित अन्य प्राध्यापक और वरीय अधिकारी मौजूद रहे।












