-आर्य समाज मोतिहारी शताब्दी समारोह में वैदिक मंत्रों और भजनों से गूंजा परिसर
मोतिहारी/राजन द्विवेदी। आर्य समाज मोतिहारी के शताब्दी सह यज्ञशाला उद्घाटन समारोह के तीसरे दिन रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। बिहार राज्य आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में पांच दिवसीय समारोह 11 से 15 सितंबर तक आर्य समाज चौक स्थित मंदिर परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
तीसरे दिन के प्रातःकालीन सत्र की शुरुआत ब्रह्मचारिणियों कुमारी नैन्सी, शालिनी, आराध्या, अपर्णा और राजिता आर्य के भजन-गायन एवं मंत्रोच्चार से हुई। इसके बाद महायज्ञ का आयोजन किया गया। दिल्ली-गाजियाबाद से पहुंचे प्रसिद्ध वैदिक विद्वान डॉ. ओमव्रत शास्त्री ने महायज्ञ संपन्न कराया।
इस अवसर पर डॉ. ओमव्रत शास्त्री ने कहा कि यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित और परोपकारी बनाने का माध्यम है। वेदों को आचरण में उतारना ही सच्चा वैदिक जीवन है। उन्होंने युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, चरित्र और राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सहारनपुर से पहुंचे भजनोपदेशक प्रताप वैदिक और संगीता आर्या के भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। महायज्ञ में सौरव वर्धन आर्य, पटना, जयप्रकाश आर्य, नौतन, राजबल्लभ प्रसाद आर्य और कन्हैया कुमार यादव, सनवरिया सहित कई लोगों ने मुख्य यजमान के रूप में भाग लिया। मंच संचालन विनोद कुमार आर्य ने किया।
समारोह तीन सत्रों में आयोजित हो रहा है। सुबह 8 से 11 बजे तक महायज्ञ, दोपहर 2 से 5 बजे तक राष्ट्र रक्षा एवं गौ रक्षा सम्मेलन तथा शाम 7 से रात 10 बजे तक वेदोपदेश और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हो रही है।
कार्यक्रम में आर्य समाज के प्रधान धर्मवर्धन प्रसाद आर्य, मंत्री देवेशचंद्र आर्य, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार आर्य, डॉ. व्यास नंदन शास्त्री सहित महिला आर्य समाज की कार्यकर्ताओं और नेपाल से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
15 सितंबर को पूर्णाहुति के साथ नवनिर्मित यज्ञशाला का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। आर्य समाज की ओर से नगरवासियों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।












