-मौन मतदाता ही फैसला करेगा उम्मीदवारों का भाग्य, प्रचार थमा
मोहन कुमार सुधांशु।वैशाली।
नगर पंचायत के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार का शोर खत्म हो गया। पहली बार गोरौल नगर पंचायत का गठन हुआ है। मतदान दूसरे चरण यानी 28 दिसंबर को कराया जायेगा।चुनाव को लेकर सरकार तैयारी कर रही है तो दूसरी तरफ आम जनता में भी चुनाव को लेकर काफी चहल पहल दिख रहा है। 14 वार्डो बाले इस नगर पंचायत में मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद एवं वार्ड पार्षद कुल तीन पदों के लिये चुनाव होगे।

मुख्य पार्षद के एक पद के लिये- 10, उपमुख्य पार्षद के एक पद के लिये-08 एवं वार्ड पार्षद के 14 पद के लिये – 173 कुल 191 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुय है।इस सैकड़ो उम्मीदवारौ के भाग्य का फैसला 7 हजार 974 पुरुष एवं 6 हजार 915 महिला मतदाताओ के अलावे 01 थर्ड जेंडर मतदाता यानी कुल 14 हजार 890 मतदाता करेंगे. इसके लिये 22 मतदान केंद्र भी बनाया गया है।चुनाव लड़ने बाले सभी उम्मीदवार अपनी अपनी जीत पक्की बता रहे है।उनका समर्थक तो उनसे भी आगे चले जाते है।वे तो अभी से ही जीत के जस्न मनाने में लगे हुय है। पंचायती राज में रहे पूर्व जनप्रतिनिधि अपने द्वारा पूर्व में किये गए विकास कार्यो पर अभिमान कर रहे है और वे अपनी जीत पक्की बता रहे है।साथ अपनी पीठ कूद थपथपा रहे है। वही प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार उनके द्वारा पूर्व के 5 वर्षो में की गयी लूट खसोट का भंडाफोड़ करने में लगे है। कुछ ऎसे भी उम्मीदवार है जो पांच वर्षों में कभी भी गांव देहातो में नजर नही आये न कभी आमलोगों के हालचाल ही पूछा वे भी इस चुनावी मौषम में समाजसेवी बनकर घरघर घूम रहे है।मतदाताओं का पैर पकड़कर आशीर्वाद मांगते हुय इस चुनावी रणक्षेत्र में कूद पड़े है। चाय हो या पान की दुकान हर जगहों पर चुनावी चर्चा जोरों पर किया जा रहा है। कुछ मतदाता ऐसे भी है ,जिनका स्वार्थ सिद्ध नही हो रहा है.। वे लोग इस चुनाव में उम्मीदवारों को सबक सिखाने की तैयारी कर रहे है। वही कुछ लोग अपना मुंह खोलना नही चाहते। उनका कहना है कि चुनाव लड़ने बाला सब अपने ही गांव समाज का है। वे मन ही मन क्या करना है किसको वोट देना है और किसको नही इसका फैसला अभी से ही कर चुके है।किसी को जातीय वोट पर गर्व है तो किसी को आरक्षित सीटों का फायदा दिख रहा है। कुल मिलाकर कहा जाये तो यह नगर पंचायत चुनाव घर की है और उम्मीदवार भी घर के ही है. किसे वोट दिया जाये किसे नही इसका मंथन मतदाता अभी से ही करना शुरू कर दिया है।हालांकि सबकुछ के बाद भी चुनाव की डगर आसान नही है। ऊँट किस करवट बैठेगा यह समय ही बतायेगा।












