-कभी नाव, कभी ट्रैक्टर पर बैठकर गांव पहुंचे डीएम और उनके अधिकारी, पहली बार इतने लोगों को देख खुशी से झूम उठे ग्रामीण
संवाददाता।पटना/कटिहार।
सूबे के कटिहार में जिला मुख्यालय से चमचमाती सरकारी गाड़ी से फर्राटा भरते हुए कुर्सेला प्रखंड के गंगा नदी के तट तक पहुंचकर नाव के सहारे दियारा के सुदूर इलाके तक पहुंचना फिर कुछ दूर पैदल और कई किलोमीटर ट्रैक्टर की सवारी करके जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी को अगर डीएम के साथ किसी गांव तक पहुंचना पड़े तो इस गांव की भौगोलिक स्थिति और अब तक हुए विकास की तस्वीर को अब खुद समझ सकते हैं।
बात कटिहार कुरसेला प्रखंड के गोबराही दियारा का कर रहे हैं जहां के ग्रामीणों के माने तो पहली बार वे लोग अपने गांव में सरकार की किसी योजना के बारे में लाभ ले रहे हैं अब तक कारण चाहे जो भी हो इस गांव तक पहुंचने के या विकास योजनाओं को पहुंचाने की कोशिश कभी नहीं की गई है। इसलिए न तो बिजली की सुविधा है ना सड़क है और ना ही पेयजल की कोई व्यवस्था लगभग 3000 से अधिक आबादी बहुल यह गांव के लोग मानो अब भी आदिम युग में जी रहे हो, अब से कई साल पहले इस गांव तक सोलर के सहारे जो बिजली व्यवस्था बहाल हुई थी, वह अभी खराब पड़ी हुई है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।

लेकिन पहली बार कटिहार जिला प्रशासन जिलाधिकारी के नेतृत्व में इस गांव तक पहुंच कर तमाम विभागों को कैंप लगाकर लोगों तक विकास पहुंचाने की एक अच्छी कोशिश की शुरुआत किया है अपने ग्रामीण इससे बेहद संतुष्ट है और उम्मीद कर रहे हैं कि आगे इस गांव के तस्वीर में बदलाव आएगा स्थानीय विधायक ने अब हालात बदलने की उम्मीद जता रहे हैं।
पहली गांव परिवार इस गांव तक जिला प्रशासन के तमाम आमला विकास के साथ आपके द्वार तक पहुंचने के सवाल पर जिलाधिकारी रवि प्रकाश कहते हैं उनकी जानकारी में यह बात उनके जॉइनिंग करने के बाद ही आया था। इसलिए उन्होंने इसे प्राथमिकता के आधार पर चुनौती के रूप में लेते हुए काम शुरू किया और आप इस इलाके तक पहुंच कर तमाम विभागों के कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की लाभ पहुंचाया जा रहा है। जहां तक ग्रामीणों की डिमांड की बात जून के सामने आया है। उसमें स्वास्थ, शिक्षा और बिजली प्रमुख है, ग्रामीणों के इन मांगों पर भी जल्द सुविधा बहाल करने की प्रयास किए जाएंगे।












