-सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्णिया में की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
पटना/पूर्णिया। दीपक कुमार तिवारी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में राज्य के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह विभाग, सेना, अर्धसैनिक बलों और रेलवे सहित विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने सीमावर्ती जिलों – पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया और सुपौल – में सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, मादक पदार्थ एवं मानव तस्करी की रोकथाम, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन तथा आपूर्ति व्यवस्था जैसे विषय शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत अमानवीय थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि भले ही बिहार की सीमाएं पाकिस्तान से नहीं जुड़तीं, लेकिन नेपाल और बांग्लादेश से सटी सीमाओं को लेकर अत्यधिक सतर्कता की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, सेना व सशस्त्र बलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती इलाकों में गश्ती तेज की जाए, संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, पुलों, रेलवे लाइनों, धार्मिक स्थलों, पेट्रोल पंप और एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर लगाम कसने और खुफिया तंत्र को सक्रिय बनाए रखने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अफवाहों और गलत सूचनाओं से उत्पन्न संभावित अस्थिरता को रोकने के लिए मजबूत सूचना तंत्र और स्थानीय प्रशासन के समन्वय पर बल दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत समेत प्रमंडलीय और जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही भारतीय थल सेना, वायु सेना, बीएसएफ, एसएसबी और रेलवे के अधिकारीगणों ने भी अपने विचार साझा किए।











