Advertisement

सीतामढ़ी: भीषण बारिश से उफनाई नदियां

सीतामढ़ी: भीषण बारिश से उफनाई नदियां

-5 जगहों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर

संवाददाता। सीतामढ़ी।

जिले में बारिश मानों रूठ गई थी। वैसे अब तीन दिनों से लगातार बारिश से शहर/ग्रामीण क्षेत्रों में पानी-पानी हो गया है। लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं, किसानों को धान की फसल में जान आ गई है। यह बड़ी राहत की बात है। यानी अब किसानों को खुद से धान का पटवन करने की जरूरत नहीं है। इधर, जारी बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से जिले में बागमती समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह नदियां उफना गई हैं।
लगातार बारिश से जिले की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अगर बारिश का आलम आगे भी बरकरार रहा, तो जिले में बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। डीपीआरओ कमल सिंह ने नदियों के जलस्तर की सुबह नौ बजे तक की रिपोर्ट जारी की है। बताया है कि बागमती नदी जिले में पांच स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दो स्थानों पर यह नदी खतरे से एक मीटर अधिक बह रही है। लालबकेया नदी भी पूरे उफान पर है। यह नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इधर, अधवारा समूह की झीम और अन्य नदियों का पानी भी बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर अभी नियंत्रण में है।

जिले के सुरसंड प्रखंड से निकलने वाली रातों नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी में पानी बढ़ने से खास कर भिट्ठा गांव के लोग चिंतित हैं। कारण कि यह गांव नदी के समीप ही है। जैसे ही नदी का पानी बाहर आता है, तो सबसे पहले इसी गांव को प्रभावित करता है। हर वर्ष यह गांव काफी दिनों तक पानी से भरा रहता है। कई दिनों तक लोगों का घर से निकलना दुभर हो जाता है। फसलों की भी क्षति होती है। लोगों के भोजन पर आफत आ जाती है। परेशानी तो तब होती है जब पानी में बहकर सांप एवं अन्य कीड़े मकोड़े लोगों के घरों में घुस जाते है। इस दौरान सर्पदंश की घटनाएं भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि रातों नदी में पानी बढ़ने के साथ ही उक्त गांव के लोगों को चिंता सताने लगी है।
नदी के उफनने से श्रीखंडी भिट्ठा गांव के वार्ड पांच से गुजरने वाली पीसीसी सड़क पर तीन फुट पानी का बहाव शुरू हो गया है। अब वह दिन दूर नहीं जब फिर वार्ड नंबर पांच में रह रहे लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर जायेगा। अब श्रीखंडी भिट्ठा पश्चिमी, डाढ़ाबाड़ी एवं दिवारी मतौना पंचायत के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, प्रतिवर्ष बाढ़ का कहर झेल चुके श्रीखंडी भिट्ठा वार्ड संख्या पांच के लोग बाढ़ के भय से ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।