अभिभावक संपर्क करके भैया /बहनों के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है- प्रदीप कुमार कुशवाहा
भागलपुर से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट।
गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के 14 वें दिन का प्रारंभ भारती शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ,वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश सिंह एवं नालंदा के निरीक्षक राकेश नारायण अम्बष्ट द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि बालक के विकास में पड़ोसी ,समाज, परिवार, शिक्षक , प्रधानाचार्य सबो की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए बालक के घर जाना और संपर्क करना बालक के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का काम करता है। उन्होंने कहा कि अभिभावक गोष्ठी, अभिभावक सम्मेलन, मातृ सम्मेलन एवं अभिभावक संपर्क करके भैया बहनों के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। इसके लिए आचार्य को अपने विद्यार्थियों के साथ आत्मीयता पूर्ण व्यवहार विकसित करना होगा। हमें बच्चों के घर समय और तिथि बता कर जाना है तथा आचार्य वेश में ही जाना है।

उमाशंकर पोद्दार द्वारा विद्या भारती मानक परिषद को विस्तार पूर्वक बताया गया। उन्होंने कहा यह एक वाह्य मूल्यांकन प्रणाली है। इसका एक व्यापक ढांचा होता है। विद्यालय ज्ञान अर्जन का केंद्र है। छात्रों में सही और संपूर्ण ज्ञान विकसित करना है । बालकों के अंदर मूल्य एवं व्यवहार जागृत करना है।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, उमाशंकर पोद्दार ,राकेश नारायण अम्बष्ट,सतीश सिंह, विनोद कुमार, ब्रह्मदेव प्रसाद, डॉ रमेश मणि पाठक, वीरेंद्र कुमार, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक, शिशु मंदिर प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार ,सुजीत कुमार गुप्ता, साकेत कुमार, आभाष कुमार एवं भाग ले रहे प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।











