-समस्तीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर निगरानी का शिकंजा
88% अधिक संपत्ति का खुलासा
-लाखों की नकदी–जेवरात व 14 जमीनों के दस्तावेज बरामद
पटना/समस्तीपुर।ब्यूरो।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदैव यह दावा करते रहे हैं कि तीन C—क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज़्म—पर कोई समझौता नहीं होगा। विपक्ष ने बीते विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सरकार के रुख को मजबूत करती दिख रही है।
इसी कड़ी में बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने समस्तीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी उपेंद्र नाथ वर्मा के पटना और समस्तीपुर (रोसड़ा) स्थित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। लगभग 7 घंटे तक चली इस कार्रवाई में अधिकारी की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ, जो उनकी ज्ञात आय से करीब 88% अधिक पाई गई है।

निगरानी की टीम को छापेमारी के दौरान
10 लाख 50 हजार रुपये नकद,
करीब 27 लाख रुपये मूल्य के जेवर,
पटना सहित विभिन्न स्थानों पर 14 जमीनों के कागजात,
दो लग्जरी कारों से जुड़ी जानकारी,
इंश्योरेंस कंपनियों में भारी निवेश के सबूत
बरामद हुए हैं।
निगरानी डीएसपी के अनुसार टीम ने नगर परिषद कार्यालय, आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। कार्यालय से कोई निजी दस्तावेज नहीं मिला, लेकिन अन्य ठिकानों से मिले सबूतों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई ने एक बार फिर राज्य सरकार के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के रुख को रेखांकित किया है। अब जांच पूरी होने के बाद अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।












