वैशाली जिले के गोरौल मे दो दिवसीय मीना बाजार मेले का उद्घाटन
वैशाली /मोहन कुमार सुधांशु
वैशाली जिले के गोरौल मे शरद पूर्णिमा के मौके पर दो दिवसीय लगने बाला मीना बाजार मेंले का उद्घाटन गुरुवार को प्रखंड प्रमुख मुन्ना कुमार, थानाध्याक्ष रौशन कुमार, मुखिया राजेश कुमार सरपंच अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। यह मेला प्रखंड के भानपुर बरेबा पंचायत के चांदपुरा गांव में सड़क किनारे लगता हैं।यह मेला जिला का एकलौता ऐसा मेला है जो आश्विन पूर्णिमा यानी कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर लगाया जाता है। मेला के दौरान पूरे राज्य के अलावे बंगाल,असम,झारखण्ड,उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यो से लोग आते है। हालांकि यहां पर बाबा मलंग के दर्शन करने के लिये भी श्रद्धालुओं का भीड़ सालो भर लगा रहता है और मेले के दौरान काफी श्रद्धांलुओं की भी उपस्थित रहटी है। दो दिवसीय लगने वाला मीना बाजार पर प्रकाश डालते हुय आकाशवाणी पटना के रंगकर्मी महेश राम ने बताया कि गांव के ही स्वर्गीय वृंदावन बिहारी लाल जो अंग्रेज के जमाने मे पुलिस के बड़े अधिकारी थे और बेतिया में कार्यरत थे।. उन्होंने बेतिया स्थित मीना बाजार को देखा और उसी के तर्ज पर यहां मीना बाजार मेला को लगाया। सबसे बड़ी बात यह थी कि उस समय कलकत्ता के मशहूर चोटी बिक्रेता “चोटी बाला” को भी बुलाया था। चोटी लगाने की प्रचलन महिलाओं में काफी थी।. चोटी खरीदने के लिये ही महिलाओं की काफी भीड़ होती थी जिसका नाम मीना बाजार रखा गया था और अब भी इस मेले के दौरान मीणा बाजार का आयोजन बड़े धूमधाम से की जाती है। जहाँ महिलाएं जमकर आज भी खरीददारी करती है।.क्योंकि इस मलंग स्थान पर जो लोग पूजा अर्चना करने आते है उनका मनोकामना पूर्ण होता है ऐसी मान्यता लोगो मे है। . इस मेला में राज्य के मुजफ्फरपुर मोतिहारी दरभंगा सीतामढ़ी जैसे शहरों से भी दुकानदार पुहुचे है।झूला खेल तमाशे बाले भी अपना अपना खेल दिखा रहे है। मेला मे आने बाले लोगो के लिये रात्रि में नाच गाने के अलावे सांस्कृति कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।

उद्घाटन के मौके पर जिला पार्षद रूबी कुमारी, मुखिया राजेश कुमार, विकास कुमार,उमेश सिंह, वैद्यनाथ राम,विश्वनाथ राय, राज नंदन प्रसाद यादव, जदयू नेता त्रिविक्रम कुमार, भगवान सिंह ,अशोक राय, रमेश चन्द्र साह सहित अन्य लोग उपस्थित थे. वही मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष रौशन कुमार दलबल के साथ मुस्तैदी से डटे हुय देखे गये।












