Advertisement

वरिष्ठ पत्रकार रामसागर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि, हृदयाघात से हुआ निधन

-वरिष्ठ पत्रकार रामसागर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि, हृदयाघात से हुआ निधन

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

ग्रामीण पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर और वरिष्ठ पत्रकार रामसागर जी का आकस्मिक निधन हो गया। रविवार को पैतृक गांव खैरी जमुनिया स्थित आवास पर हृदयाघात से उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से जिले के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है।

परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह से ही वे घर पर आए अतिथियों के स्वागत-सत्कार में लगे थे। दोपहर करीब दो बजे बाथरूम जाने के दौरान अचानक हृदयाघात हुआ और उन्हें उपचार का मौका भी नहीं मिल सका।

-दो दशक से अधिक पत्रकारिता में सक्रिय रहे

रामसागर जी ने दो दशक से अधिक समय तक पत्रकारिता को समाज सेवा के दायित्व के रूप में जिया। उन्होंने हिंदी दैनिक ‘आज’ के लिए बंजरिया से और बाद में ‘प्रभात खबर’ के लिए पीपरा से समाचार संकलन का कार्य किया। स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर उन्होंने ग्रामीण पत्रकारिता की उस परंपरा को जीवित रखा, जिसमें सरोकार ही पत्रकारिता की आत्मा होते हैं।

– व्यवहार में झलकता था व्यक्तित्व

रामसागर जी का व्यक्तित्व उनकी पत्रकारिता से अधिक उनके व्यवहार में झलकता था। गंभीर स्वभाव, मृदुभाषी शैली और प्रतिकूल परिस्थिति में भी मुस्कान बनाए रखने की क्षमता उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उनसे मिलने पर औपचारिकता नहीं, अपनेपन का एहसास होता था। उनका स्नेहिल संबोधन ‘भाई जी’ ही उनके आत्मीय रिश्तों की पहचान था।

जो लोग उनके साथ काम कर चुके हैं, उनका कहना है कि संस्थान और पद से अलग होने के बाद भी उन्होंने रिश्तों को उसी गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाया। आज के व्यावसायिक दौर में उन्होंने सिखाया कि पत्रकारिता में टिके रहने के लिए खबरों से नहीं, लोगों के दिलों से जुड़ना जरूरी है।

उनके जाने से पत्रकारिता जगत ने एक निष्ठावान पत्रकार ही नहीं, एक आत्मीय मनुष्य और सहज साथी को खो दिया है।