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मुजफ्फरपुर से खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, 16 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

-मुजफ्फरपुर से खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, 16 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा बोले- खेत बचाओ, जीवन बचाओ
-नकली खाद-बीज के कारोबारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुजफ्फरपुर। किसानों की समृद्धि, मिट्टी के संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर से खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद का शुभारंभ किया गया। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए किसानों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरती, किसान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू हुआ है। बिहार में यह अभियान 26 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेतों का संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों को समृद्ध बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सकती है।

16 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य:

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि खरीफ मौसम में पूरे बिहार में 7275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। अब रबी मौसम 2026-27 में अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

नकली खाद-बीज बेचने वालों पर होगी कार्रवाई:

कृषि मंत्री ने नकली खाद और बीज की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली उर्वरकों के उत्पादन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों का पर्दाफाश करने और दोषियों की पहचान उजागर करने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने किसानों को मिट्टी की नियमित जांच कराने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने और यूरिया सहित रासायनिक खादों के संतुलित प्रयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा:

कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने जैविक खादों के उपयोग, जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा कि अभियान की सफलता केवल बैठकों और कार्यक्रमों की संख्या से नहीं, बल्कि खेती के तरीकों में सकारात्मक बदलाव से तय होगी।

कार्यक्रम में पद्मश्री राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक पवन कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।