केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार पटना पहुंचे ललन सिंह
कहा: ‘बिल्ली के भाग्य से टूटा है छींका’
-तेजस्वी यादव पर खूब बरसे
दीपक कुमार तिवारी।पटना।
केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह शुक्रवार को पहली बार पटना पहुंचे। हवाईअड्डे पर जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। जदयू प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार सहित अन्य नेताओं ने मुंगेर सांसद का पुष्पगुच्छ देकर अभिवादन किया। इस दौरान ललन सिंह ने राजद सहित विपक्षी दलों के नेताओं को आड़े हाथों लिया। संवाददाताओं से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है। पूरी निष्ठा के साथ काम करना है। जदयू को केंद्र में मिली जिम्मेदारियों से पूरी तरह से संतुष्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि हमलोग पूर्ण संतुष्ट हैं।
राजद के तेजस्वी यादव सहित विपक्षी नेताओं द्वारा केंद्र की एनडीए सरकार को बैसाखी के सहारे चलने वाली सरकार बोलने पर ललन ने गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टुटा है’, इसलिए उन लोगों को ज्यादा खुश होने की कोई जरूरत नहीं है। एनडीए में किसी प्रकार के गतिरोध होने की खबरों का उन्होंने पूरी तरह खंडन किया। ललन ने ऐसी बातों के लिए विपक्ष को सुनाया। नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर एनडीए में शामिल घटक दलों में जदयू को दो मंत्री पद मिले हैं। इसमें ललन सिंह को केंद्रीय मंत्री और रामनाथ ठाकुर को राज्य मंत्री बनाया गया है।

लोकसभा चुनावों में भाजपा ने अबकी बार 400 पार का नारा दिया था। हालाँकि चुनाव परिणाम पूरी तरह भिन्न रहे. भाजपा को सिर्फ 240 सीटों पर सफलता मिली। वहीं टीडीपी के 16, जदयू के 12 सहित एनडीए के अन्य घटक दलों के सांसदों के सहयोग से एनडीए ने बहुमत के 272 के आंकड़े से ज्यादा सीटों को हासिल कर लिया है। वहीं मोदी सरकार को बैसाखियों के सहारे चलने वाली सरकार बताते हुए राजद जैसे विपक्षी दल लगातार हमलावर है। इसी को लेकर अब ललन सिंह ने इन वक्तव्यों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टुटा है’।
दरअसल, राजद को इस बार के लोकसभा चुनाव में 4 सीटों पर सफलता मिली है।राजद ने बिहार में 23 और झारखण्ड में 2 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ा था,लेकिन पार्टी सिर्फ चार सीटों पर जीतने में सफल रही। यहां तक कि कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकबले में राजद के उम्मीदवारों को तीसरे नम्बर पर रहना पड़ा था। ऐसे में ललन सिंह ने राजद के इसी प्रदर्शन की ओर इशारा करते हुए तेजस्वी की कोशिशों के बाद भी सिर्फ 4 सीटों पर जीत मिलने को ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना’ बता रहे हैं।











