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राजापाकर में ग्रामीण बैंक के पेंशनधारियों का फूटा गुस्सा, 5-6 महीने से नहीं मिली पेंशन

-राजापाकर में ग्रामीण बैंक के पेंशनधारियों का फूटा गुस्सा, 5-6 महीने से नहीं मिली पेंशन

-एनपीसीआई की समस्या से अटकी पेंशन -बुजुर्गों और जरूरतमंदों की बढ़ी परेशानी -अधिकारियों ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को पिछले पांच से छह महीनों से पेंशन की राशि नहीं मिलने से उनमें भारी आक्रोश है। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के कई महिला और पुरुष पेंशनधारी इस समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि अन्य बैंकों के खाताधारकों को समय पर पेंशन मिल रही है, जबकि ग्रामीण बैंक में खाता होने के कारण उनकी राशि अटकी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, पहले प्रखंड क्षेत्र में एकमात्र ग्रामीण बैंक होने के कारण बड़ी संख्या में पेंशनधारियों ने इसी बैंक में खाते खुलवाए थे। बैंक के एकीकरण और लीड बैंक में बदलाव के बाद से पेंशन भुगतान में परेशानी सामने आ रही है।

एनपीसीआई से जुड़ी समस्या का हवाला:

बिहार ग्रामीण बैंक की राजापाकर शाखा के प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि पेंशनधारियों की अधिकांश शिकायतें एनपीसीआई से संबंधित हैं। बैंक की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद कई बार इसकी जानकारी साइबर कैफे या पेंशनधारियों के लॉगिन पर प्रदर्शित नहीं होती। इससे पेंशन भुगतान में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से बैंक के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द समाधान का प्रयास किया जा रहा है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं। शिकायतें मुख्य रूप से ग्रामीण बैंक के पेंशनधारियों से जुड़ी हैं। बैंक के शाखा प्रबंधक से बात कर समस्या का शीघ्र समाधान करने को कहा गया है।

विधायक ने डीएम को लिखा पत्र:

स्थानीय विधायक महेंद्र राम ने भी समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि जिले के ग्रामीण बैंक के पेंशनधारियों को इस तरह की परेशानी हो रही है। उन्होंने इस संबंध में वैशाली के जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर जल्द समाधान कराने की बात कही है।

राजापाकर निवासी 90 वर्षीय राजवंशी देवी, पति स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद राय, ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी, लेकिन पिछले पांच महीने से राशि नहीं आई है। उनका कहना है कि बैंक में एनपीसीआई की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पेंशन नहीं मिली। वहीं, राजापाकर बाजार निवासी श्याम नंदन शर्मा ने बताया कि ग्रामीण बैंक में खाता होने के कारण उन्हें छह महीने से पेंशन नहीं मिली है। कुछ लोगों ने डाकघर में खाता खुलवाया है और अब अगली भुगतान तिथि 10 नवंबर का इंतजार कर रहे हैं।

पेंशन की राशि नहीं मिलने से बुजुर्गों और जरूरतमंदों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनधारियों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।