-मुजफ्फरपुर के 28 हजार शिक्षकों के वेतन पर संकट
-दीपावली-छठ से पहले भुगतान में देरी की आशंका
-22 अक्टूबर तक जांच पूरी करने का लक्ष्य, विद्यालयों से दस्तावेज नहीं मिलने के कारण धीमी पड़ी प्रक्रिया
मुजफ्फरपुर। भागलपुर में वेतन भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद अब मुजफ्फरपुर जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के वेतन और सेवा अभिलेखों की जांच की जा रही है। जिले के 28 हजार से अधिक शिक्षकों के वेतन और भत्तों से जुड़े रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। कई विद्यालयों से अब तक जरूरी दस्तावेज शिक्षा विभाग को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में 22 अक्टूबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के लक्ष्य पर सवाल उठने लगे हैं। जांच में देरी होने पर अक्टूबर महीने का वेतन भुगतान प्रभावित हो सकता है, जिससे दीपावली और छठ पूजा से पहले शिक्षकों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
भागलपुर में वेतन भुगतान में कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद राज्यभर में शिक्षकों के वेतन और सेवा अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर में भी शिक्षकों के पदस्थापन, वेतन वृद्धि, वेतनमान और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वेतन भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेतन का भुगतान वास्तविक रूप से कार्यरत शिक्षकों को नियमानुसार किया जा रहा है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना प्रह्लाद गुप्ता ने जांच के लिए निर्धारित प्रारूप तैयार कर संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों को उपलब्ध कराया है। इसके तहत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, चिह्नित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, मेकर और लेखा सहायकों से आवश्यक अभिलेख एवं जानकारियां मांगी गई हैं। चार चिह्नित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का एचआरएमएस में दर्ज डाटा से मिलान किया जाएगा। इस दौरान यह सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित शिक्षक वास्तव में विद्यालय में कार्यरत हैं या नहीं और उनके नाम पर ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
जांच के दौरान शिक्षकों के पदस्थापन, वेतन वृद्धि, वेतनमान और अन्य सेवा संबंधी विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। उपलब्ध अभिलेखों और ऑनलाइन डाटा में किसी तरह की विसंगति मिलने पर उसकी पड़ताल की जाएगी। विभाग का उद्देश्य वेतन भुगतान में गलत प्रविष्टियों और संभावित अनियमितताओं की पहचान कर उन्हें दूर करना है। इसके लिए विद्यालयों को समय पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, कई विद्यालयों से अब तक आवश्यक कागजात नहीं मिलने के कारण जांच की गति धीमी बनी हुई है।
अक्टूबर महीने के वेतन को लेकर शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। विभागीय प्रक्रिया के अनुसार, जांच पूरी होने और रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद ही वेतन भुगतान की अगली कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा नहीं हुआ, तो दीपावली और छठ पूजा से पहले वेतन मिलने में देरी हो सकती है। हालांकि, अक्टूबर के वेतन भुगतान की अंतिम तारीख को लेकर अभी कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। अब शिक्षकों की नजर जांच की प्रगति, विद्यालयों से दस्तावेज मिलने और शिक्षा विभाग के अगले निर्णय पर टिकी है।












