-मीनापुर नगर पंचायत में भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप, डीएम से जांच की मांग
मुजफ्फरपुर/मीनापुर। मीनापुर नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को लेकर स्थानीय निवासी एवं स्वयं को विश्वविद्यालय अध्यक्ष बताने वाले राजा बाबू ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा है।
राजा बाबू का आरोप है कि नगर पंचायत में पदाधिकारियों के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है, जिससे आम लोगों को अपने काम के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नगर पंचायत में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में नगर पंचायत के गठन के बावजूद अब तक क्षेत्र में नल-जल योजना की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि एक ओर लोगों से नगर पंचायत का टैक्स लिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपेक्षित मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
राजा बाबू ने डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा को लेकर भी जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि ई-रिक्शा का उपयोग शुरू होने के बाद वह करीब एक किलोमीटर भी नहीं चल सका और उसकी बैटरी खराब हो गई। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
राजा बाबू के अनुसार, उन्होंने इन सभी मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने दावा किया कि जिलाधिकारी की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नगर पंचायत प्रशासन का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता तथा संबंधित मामलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।












