-बढ़ती गर्मी का मानसिक स्वास्थ्य पर असर, चिड़चिड़ापन-तनाव और नींद की समस्या बढ़ी; विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही गर्मी अब सिर्फ शारीरिक परेशानी का कारण नहीं बन रही, बल्कि इसका असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी साफ दिखने लगा है। तेज धूप, हीट वेव और लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोग थकान, चिड़चिड़ापन, बेचैनी, तनाव और नींद की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान बहुत अधिक होता है तो शरीर को सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे ऊर्जा तेजी से खर्च होती है और व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करने लगता है। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी इस स्थिति को और गंभीर बना देती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने पर दिमाग तक ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसका असर फोकस, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। कई लोगों में बिना वजह गुस्सा आना, मूड स्विंग, काम में मन नहीं लगना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।
हीट स्ट्रोक बन सकता है गंभीर खतरा:
डॉक्टरों के मुताबिक, गर्मी के दौरान हीट स्ट्रोक बेहद गंभीर स्थिति बन सकती है। शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ने पर चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, पसीना बंद होना और बेहोशी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

मेंटल हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गर्मी के कारण नींद-जागने का प्राकृतिक चक्र प्रभावित होता है। खराब नींद के कारण दिनभर थकान, लो एनर्जी और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा अत्यधिक गर्मी तनाव हार्मोन को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे चिंता और अवसाद जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक तेज धूप से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट लेना, हल्का और पौष्टिक भोजन करना, ताजे फल और सलाद का सेवन बढ़ाना, शरीर को ढकने वाले हल्के कपड़े पहनना और नियमित दिनचर्या बनाए रखना जरूरी बताया गया है।
इसके साथ ही देर रात तक मोबाइल या स्क्रीन देखने की आदत कम करने, अत्यधिक कैफीन और जंक फूड से बचने तथा सुबह या शाम के समय हल्की वॉक और योग जैसी गतिविधियां अपनाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को अब सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर रहने की जरूरत है।












