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बज्जिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज, मुजफ्फरपुर में संयुक्त संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित

-बज्जिका को अष्टम अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज, मुजफ्फरपुर में संयुक्त संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित

मुजफ्फरपुर | 22 जून 2025

मुजफ्फरपुर समाहरणालय के धरना स्थल पर बज्जिका भाषा संयुक्त संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं बज्जिका के सुप्रसिद्ध कवि-साहित्यकार उदय नारायण सिंह ने की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने एक स्वर में बज्जिका भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल करने, जनगणना में बज्जिका के लिए भाषा कोड निर्धारित करने और बज्जिका भाषा अकादमी के गठन की मांग की।

उदय नारायण सिंह ने कहा, “बज्जिकांचल के लोग अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीताकांत महापात्रा की अनुशंसा शीघ्र लागू की जाए। जब तक बज्जिका रोजी-रोटी से नहीं जुड़ेगी, तब तक इसका वास्तविक विकास संभव नहीं है।”

डा. उषा किरण श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक बज्जिका को अष्टम अनुसूची में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक बज्जिकांचल के लोग संघर्ष करते रहेंगे।

बज्जिकांचल विकास पार्टी के अध्यक्ष भाई देवेन्द्र राकेश ने बज्जिका को “आन-बान-शान” बताते हुए कहा, “हम अंतिम सांस तक अपनी भाषा के लिए संघर्ष करेंगे।”

डा. पुष्पा गुप्ता ने बज्जिका में शिक्षा और पठन-पाठन की व्यवस्था पर बल दिया और तुरंत बज्जिका अकादमी के गठन की मांग की।

डा. हरि किशोर प्रसाद सिंह, मोहन प्रसाद सिंह, पत्रकार प्रमोद नारायण मिश्र, संगीता सागर, सुनीता सोनी, मधुमंगल ठाकुर, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए बज्जिका को सम्मान और अधिकार दिलाने की पुरजोर मांग की।

वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार सरकार की अदूरदर्शी सोच बज्जिका के साथ अन्याय कर रही है। बैठक में श्वेता कुमारी, आरती कुमारी, सुप्रिया, तन्नु प्रिया, काजल कुमारी एवं शिवम गोपाल सहित अनेक लोगों ने भी भाग लिया।

अंत में मधुमंगल ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और अध्यक्ष के निर्देशानुसार बैठक समाप्त की गई।

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