-बकरी पालन से महिलाएं हो रहीं आर्थिक रूप से सशक्त, मेषा एफपीसी की तीसरी वार्षिक आमसभा में दिखा उत्साह
मुजफ्फरपुर। ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित जीविका से जुड़कर महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। बकरी पालन के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर पशु सखियों और बकरी पालकों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उक्त बातें असिस्टेंट कलेक्टर सौरभ सिन्हा ने शुक्रवार को खबड़ा स्थित एक निजी होटल में आयोजित मेषा महिला बकरीपालक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) की तीसरी वार्षिक आमसभा में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें समाज में पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत में मेषा एफपीसी की सीईओ खुशबू कुमारी और अध्यक्ष कृष्णा कुमारी ने अतिथियों को पौधा और शॉल देकर सम्मानित किया। जीविका की डीपीएम अनीशा ने कंपनी की अब तक की उपलब्धियों के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी। वहीं डीडीएम नाबार्ड सुमन प्रभा ने नाबार्ड से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी महिलाओं के बीच साझा की।
आमसभा के दौरान जैविक उत्पादों, पशुपालकों के लिए हर्बल दवाओं समेत विभिन्न गतिविधियों से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। मुख्य अतिथि ने स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
कार्यक्रम में संचार प्रबंधक राजीव रंजन, पंकज कुमार, नूरी जमाल, रोशन कुमार, शोभा शाव, नवनीत कुमार, प्रसून कुमार, राहुल कुमार, डॉ. सरोज, गुंजना कुमारी समेत सैकड़ों जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।












