चंपारण की खबर::
-पीडीएस दुकानदार के खिलाफ उपभोक्ताओं में आक्रोश, किया हंगामा
मोतिहारी / राजन द्विवेदी ।
स्थानीय स्तर पर भले ही पीडीएस से जुड़े पदाधिकारी गरीबो तक शत प्रतिशत अनाज पहुचे इसके लिए तरह तरह के नियम और हमेशा जांच करते आ रहे हैं। उसके बावजूद पीडीएस दुकानदार गरीबो को मिलने वाली मुफ्त अनाज में कटौती करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिससे विभाग से वरीय पदाधिकारी के आदेश की धज्जियां उड़ा रही हैं। इसका ताजा उदाहरण जिले के संग्रामपुर प्रखण्ड स्थित पूर्वी मधुबनी पंचायत का प्रताप मठिया बाजार वार्ड- सात है। जहां पूरा का पूरा परिवार विशुद्ध रूप से दैनिक मजदूरी पर आश्रित होने के साथ साथ हैंड टू माउथ हैं। यहां लगभग एक सौ की संख्या में राशन कार्डधारी हैं जिनको प्रत्येक माह राशन उठाव के लिए पीडीएस दुकानदार के पुत्र का दुर्व्यवहार के साथ असभ्य भाषा का सामना करना पड़ता हैं। इसका खुलासा पंचायत में आई सोशल ऑडिट टीम की महिला सदस्यों के सामने भी हुआ और शनिवार को उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखा और महिलाएं प्रताप मठिया बाजार सामुदायिक भवन पहुच कर पीडीएस दुकानदार व सम्बंधित पदाधिकारियों को जम कर कोसा। इस दौरान उपभोक्ता अनिता देवी,पिंकी देवी,विपिन कुमार,भाग्य नारायण महतो,सुनरी कुँवर,कलावती देवी,मोहन महतो,राम कली देवी,अनिता देवी,सुनीता देवी,श्री मति देवी,शिव कली देवी,लालसा खातून,कामेश्वर महतो, कलावती देवी,सूरज कुमार,झुंनी देवी,हेमवन्ति देवी,मदीना खातून,फजूल मियां,विक्कू कुमार,कांति देवी,नब्बी मिया,पूर्व वार्ड सदस्य परमा महतो,अर्जुन महतो,रेशम देवी,अमरावती देवी,संजू देवी समेत कई उपभोक्ताओं ने बताया कि यह पंचायत सात वार्ड का हैं जिसमें सिर्फ एक डीलर राजाकांत शर्मा हैं जिनके पास राशन उठाव के लिए एक तो तीन से चार बार दौड़ना पड़ता हैं साथ ही एक ब्यक्ति को मिलने वाली पांच किलो अनाज में से एक से डेढ़ किलो अनाज में कटौती के बाद तौल में भी कम राशन मिलता हैं। यदि किसी कार्ड मे आठ लोगो के नाम हैं उसे चालीस किलो की जगह पच्चीस किलो ही राशन मिलता हैं।इसके बाद तौल में एक से दो किलो घटतौली की भेंट चढ़ जाता हैं। यदि कोई कटौती और कम तौल की बात करता हैं तो पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा व दुर्व्यहार करके लौटा दिया जाता हैं। खास कर ऐसी घटना उन असहाय महिलाओं होती रहती हैं जिनके घरों पर कोई पुरुष सदस्य नहीं हैं।कई बार ऐसी घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर लेकर पंचायती भी हुई लेकिन सुधार या कटौती नहीं रुकी। इन सभी का कहना था कि मजदूर होने के चलते इनके खिलाफ मोतीहारी,अरेराज या संग्रामपुर जाकर आवेदन भी नहीं दे सकते कारण की इतनी दूरी तय कर जाने के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं साथ ही इनकी कोई अधिकारी सुनने को तैयारी भी नहीं होगा। उपभोक्ताओं ने राशन कटौती की जांच करवाने व डीलर पर करवाई की मांग की हैं।जबकि इस मामले पर पीडीएस दुकानदार राजकांत शर्मा का कहना हैं यहां लगभग आठ सौ कार्डधारी हैं जिसमें सात सौ बयालीस नियमित उठाव करते हैं।

उनका कहना था कि एक तो अनाज आपूर्तिकर्ता संवेदक पचास किलो की जगह चालीस किलो प्रति बोरी अनाज आपूर्ति कर्ता हैं।जब कम राशन मिलेगा तो उपभोकताओ को भी कम देंगे। पीडीएस दुकान का सिस्टम सब जानते हैं जिसको जहां जाना हैं जा सकता हैं।जानकारी के लिए प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी जागृति कुमारी से सम्पर्क किया गया तो प्रयास विफल रहा।
इस संबंध में पूर्वी मधुबनी पंचायत के उप मुखिया सुरेश महतो ने कहा कि
महिलाओ के साथ पीडीएस दुकानदार हमेशा अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के साथ ब्यापक पैमाने पर राशन में कटौती करता हैं। जांच कर करवाई होनी चाहिए।
वहीं मुखिया प्रतिनिधि रामकरण महतो ने कहा कि
पंचायत की जनता सही बोल रही हैं या गलत इसकी जांच होनी चाहिए ।











