-गायघाट-समस्तीपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बदहाल, गड्ढों और धूल से परेशान हजारों राहगीर
मुजफ्फरपुर/गायघाट(दीपक)। गायघाट विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। गायघाट से हनुमाननगर, कांटा और जांता होते हुए समस्तीपुर जिले को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। सड़क की मौजूदा स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर वर्षों से बदहाल इस सड़क की जिम्मेदारी किसकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जबकि मौसम साफ रहने पर सड़क से उड़ती धूल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनती है। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि दो जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, यह मुद्दा किसी एक विधायक या सांसद के खिलाफ आरोप लगाने तक सीमित नहीं है। यह उन आम नागरिकों की समस्या है, जो वर्षों से बेहतर सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

लोगों का कहना है कि जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनती है ताकि वे क्षेत्र की समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाएं और विकास कार्यों के लिए प्रभावी तरीके से आवाज उठाएं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों से सड़क की बदहाली को लेकर पहल करने और संबंधित विभाग से इसके निर्माण या मरम्मत की दिशा में ठोस कार्रवाई कराने की मांग की जा रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि केवल सरकार और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद करने के बजाय समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समस्याओं को उचित मंच पर उठाना होगा, वहीं जनप्रतिनिधियों को भी जनता के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
गायघाट की यह सड़क अब महज एक सड़क का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास को लेकर उठ रही आवाज का प्रतीक बन गई है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर जल्द से जल्द मरम्मत अथवा निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि हजारों लोगों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बदलाव तभी संभव है जब सवाल उठेंगे, जिम्मेदारी तय होगी और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सामूहिक आवाज बुलंद होगी। गायघाट की जनता की मांग भी यही है कि उन्हें बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन का अधिकार मिले।












